अनिल तिवारी / मुंबई
तमिलनाडु में सरकार गठन का नाटकीय घटनाक्रम आखिरकार शनिवार रात निर्णायक मोड़ पर पहुंच ही गया, जब २३४ सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी ११८ के जादुई आंकड़े से विजय की पार्टी दो कदम दूर नजर आते हुए भी राजभवन को उन्हें सरकार गठन का न्योता देना ही पड़ा। यह अभिनेता से राजनेता बने विजय के १२० विधायकों के समर्थन का दावा पेश करने का प्रताप है या शनिवार को उनके एक समर्थक के आत्मदाह की चिंगारी कि रातों रात राज्यपाल की निगाह में टीवीके की दावेदारी मजबूत हो गई। सच्चाई जो भी हो, पर इस घटनाक्रम ने राजभवन की चूलें जरूर हिलाकर रख दी थीं।
तीन दिनों तक चला बैठकों का दौर
सरकार गठन के लिए तीन दिनों तक राजभवन में बैठकों का दौर चलता रहा, मगर विजय को शपथ ग्रहण के लिए हरी झंडी नहीं दी गई। शुक्रवार देर रात तक चली चर्चाओं के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, जिससे टीवीके कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई। शनिवार को यह आक्रोश उस समय भयावह रूप ले बैठा, जब सरकार गठन में देरी से आहत एक समर्थक ने आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना ने पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया। इसके बाद विजय ने शनिवार शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर १२० विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया। देर रात लोकभवन ने बताया कि राज्यपाल ने विजय को नियुक्ति पत्र सौंप दिया है और विजय रविवार सुबह १० बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल ने उन्हें १३ मई तक बहुमत सिद्ध करने का समय दिया है। इस तरह तमाम प्रशासकीय बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए कल रविवार को विजय का यह ‘अग्निपथ’ आखिर शपथ तक पहुंच ही गया!
