करोड़ों रुपये की लागत से बना प्रमुख चौकों के फव्वारों के कुंडों के पानी का इस्तेमाल किया जाता है रिक्शा धोने के लिए
राधेश्याम सिंह
विरार। विरार (पूर्व) में विवांता होटल के सामने स्थित चौक में लगाए गए फव्वारों के कुंडों में भरे पानी का उपयोग अब रिक्षा धोने के लिए किया जा रहा है, यह चौंकाने वाला दृश्य हाल ही में सामने आया है। करोड़ों रुपए की लागत से वसई-विरार शहर के प्रमुख चौकों को सजाने के उद्देश्य से लगाए गए इन फव्वारों का अब दुरुपयोग हो रहा है, जिससे मनपा के सार्वजनिक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इससे पहले भी चौकों में लगे शिल्प, फव्वारे, ऐतिहासिक धरोहर स्थल और जीवीपी जैसी संरचनाएं चोरी हो चुकी हैं या क्षतिग्रस्त पाई गई हैं। इसके बावजूद भी मनपा का सार्वजनिक निर्माण विभाग इन संरचनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसी के चलते शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे ) पार्टी के नालासोपारा विधान सभा प्रमुख सुरेंद्र सिंह राज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इस पर खर्च किए गए 4 करोड़ 50 लाख रुपए की जांच की मांग की है। 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार ‘मिलियन प्लस सिटीज’ श्रेणी में वसई-विरार महानगरपालिका को ‘वायु शुद्धिकरण कार्यक्रम’ के तहत 32 करोड़ रुपए का निधि प्राप्त हुआ था। इस निधि का उपयोग करते हुए मनपा ने शहर में कई काम शुरू किए-जैसे वायु शोधक यंत्र लगाना, मियावाकी गार्डन बनाना, चौकों का सौंदर्यीकरण करना और वहां फव्वारे लगाना, साथ ही श्मशानभूमियों में गैस लाइनें स्थापित करना।‘शहर सौंदर्यीकरण व स्वच्छता स्पर्धा 2022’ के तहत वसई-विरार शहर के 14 प्रमुख चौकों का सौंदर्यीकरण किया गया था। 17 स्थानों पर फव्वारे लगाए गए, 3 स्थानों पर शिल्प स्थापित किए गए और 28 जगहों पर जीवीपी तकनीक से सौंदर्यीकरण किया गया।
लेकिन वर्तमान में इन फव्वारों की स्थिति दयनीय हो चुकी है। अधिकांश फव्वारे शुरू होने से पहले ही खराब हो चुके हैं। चौकों में लगाए गए नोजल, एईडी लाइट्स और अन्य उपकरण चोरी हो रहे हैं। यहां तक कि स्थापित शिल्पों की भी तोड़फोड़ की गई है। इन फव्वारों में रिक्शा धोते,बच्चे नहाते, कपड़े धोते देखे जा रहे हैं और अब तो कुछ रिक्षाचालक इन कुंडों के पानी से रिक्षाएं भी धो रहे हैं। इससे इन स्थानों की सुंदरता और उद्देश्य दोनों ही नष्ट हो रहे हैं। इन सभी संरचनाओं को सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए मनपा ने अप्रैल 2023 में तीन साल के रखरखाव और मरम्मत के लिए टेंडर निकाले थे, जिसके तहत 4 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए जाने की योजना थी।लेकिन इतने बड़े खर्च के बावजूद चौकों की दुर्दशा और फव्वारों के दुरुपयोग की घटनाएं मनपा की लापरवाही को उजागर करती हैं। इसीलिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे ) पार्टी के नालासोपारा विधान सभा प्रमुख सुरेंद्र सिंह राज ने मनपा द्वारा किए गए इस खर्च की जांच कराने और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मनपा के आयुक्त से मांग की है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि फव्वारों के आसपास भटकते लोगों और सड़कों पर रहने वाले बच्चों द्वारा नहाने और कपड़े धोने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक एवं मानसिक बदलाव के प्रयास भी जरूरी हैं, और इन संरचनाओं की रक्षा हेतु उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
