मुख्यपृष्ठनए समाचारजर्जर इमारतों का बिजली-पानी होगा बंद

जर्जर इमारतों का बिजली-पानी होगा बंद

म्हाडा का बड़ा एक्शन

२,७३६ किरायेदारों को खाली करने होंगे मकान

नागेंद्र शुक्ला / मुंबई

दक्षिण मुंबई की अत्यंत जर्जर और खतरनाक घोषित म्हाडा इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर म्हाडा ने अब सख्त रुख अपनाया है। बार-बार नोटिस देने, संक्रमण शिविरों में रहने की व्यवस्था करने और वैकल्पिक आवास के लिए प्रति माह २० हजार रुपए किराया देने की पेशकश के बावजूद २,७३६ किरायेदार और निवासी इमारतें खाली करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में म्हाडा ने इन इमारतों की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए बेस्ट तथा पानी की आपूर्ति रोकने के लिए मनपा को पत्र भेज दिया गया है।
म्हाडा के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल द्वारा हर वर्ष मानसून से पहले दक्षिण मुंबई की पुरानी इमारतों का सर्वेक्षण किया जाता है। इस वर्ष के सर्वेक्षण में ८६ उपकर प्राप्त इमारतों को अत्यंत खतरनाक घोषित किया गया है। इन इमारतों में २,२५६ आवासीय और ४८० गैर आवासीय, कुल २,७३६ किरायेदार और निवासी रह रहे हैं। भारी बारिश, इमारतों की कमजोर संरचना और संभावित हादसों को देखते हुए मंडल ने सभी निवासियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। संक्रमण शिविर में नहीं जाने वाले परिवारों को हर महीने २० हजार रुपए किराया देकर अन्यत्र रहने की सुविधा भी दी गई है। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
अब तक ३० से अधिक किरायेदार और निवासी म्हाडा के संक्रमण शिविरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कुछ लोगों ने स्वयं अन्य स्थानों पर रहने की व्यवस्था कर ली है। लगातार हो रही बारिश और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए म्हाडा ने खतरनाक इमारतों के निवासियों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद कई लोग इमारतें खाली नहीं कर रहे हैं। ऐसे में लोगों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए म्हाडा ने बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने जैसा कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
८६ इमारतें बेहद खतरनाक घोषित
म्हाडा के सर्वेक्षण में दक्षिण मुंबई की ८६ उपकर प्राप्त इमारतें अत्यंत जर्जर पाई गईं। इनमें २,२५६ आवासीय और ४८० गैर आवासीय इकाइयों सहित कुल २,७३६ किरायेदार और निवासी रह रहे हैं। मानसून के दौरान इन इमारतों के गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
२० हजार किराया, फिर भी नहीं खाली किए मकान
म्हाडा ने प्रभावित परिवारों को संक्रमण शिविरों में रहने या वैकल्पिक आवास के लिए प्रति माह २० हजार रुपए किराया देने की सुविधा दी है। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने इमारतें खाली नहीं कीं, जिसके बाद बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया गया।

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