-हादसों से घिरी रेलवे की नींद खुली
-जनदबाव बढ़ा तो शुरू हुआ ‘जीवन रक्षा अभियान’
जेदवी / मुंबई
मुंबई की लोकल ट्रेनों में लगातार हो रहे हादसों, मारपीट, चोरी और हत्या की घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की बढ़ती नाराजगी और लगातार हो रही आलोचना के बीच आखिरकार रेलवे प्रशासन और रेलवे पुलिस हरकत में आए हैं। सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पश्चिम रेलवे में ‘जीवन रक्षा अभियान’ शुरू किया गया, लेकिन इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण तब बना, जब यमराज खुद प्लेटफॉर्म पर उतर आए।
बोरीवली रेलवे स्टेशन पर एक विद्यार्थी ने यमराज का वेश धारण कर यात्रियों से कहा, ‘आपका परिवार आपका इंतजार कर रहा है’। यह संदेश सुनकर कई यात्री ठिठक गए। अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार न करें, चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें और फुटओवर ब्रिज का ही इस्तेमाल करें। पुलिसकर्मी हाथों में बैनर और सुरक्षा संदेशों वाले फलक लेकर यात्रियों को सावधानी बरतने की सीख देते नजर आए।
‘शून्य दुर्घटना, जीवन रक्षा’ अभियान रेलवे पुलिस आयुक्त, मुंबई की संकल्पना के तहत चलाया गया। सहायक पुलिस आयुक्त मनीषा रावखंडे के मार्गदर्शन में बोरीवली रेलवे पुलिस, आरपीएफ और स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इसमें महाराष्ट्र रेलवे प्रवासी महासंघ और श्रॉफ कॉलेज की एनएसएस इकाई के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
दूसरी ओर दादर रेलवे स्टेशन पर भी प्लेटफॉर्म और फुटओवर ब्रिज पर रैली निकालकर यात्रियों को जागरूक किया गया। ‘रेलवे ट्रैक पार न करें’, ‘चलती लोकल नहीं रुकती, आप रुक जाएं’ और ‘शॉर्टकट नहीं, सुरक्षित रास्ता चुनें’ जैसे संदेशों से लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई।
हालांकि, लगातार बढ़ रहे हादसों के बीच यात्रियों का कहना है कि केवल जागरूकता अभियान से बात नहीं बनेगी। उनका मानना है कि प्लेटफॉर्म पर यमराज को उतारने से ज्यादा जरूरी है कि रेलवे सुरक्षा, निगरानी और कानून व्यवस्था को मजबूत करे, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर का भरोसा मिल सके।
