पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और बढ़ते छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार अब डैमेज कंट्रोल में जुटी नजर आ रही है। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और वांगचुक का हाल-चाल जाना। आलोचकों का आरोप है कि सरकार ने शुरुआत में उनकी मांगों और स्वास्थ्य को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन मामला हाथ से निकलता दिखा तो मंत्रियों को उनकी याद आई।
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर कड़ी सुरक्षा के बीच शाम करीब साढ़े सात बजे मेदांता अस्पताल लाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में आईसीयू-८ में भर्ती किया गया है।
मुलाकात को लेकर सियासी विवाद तेज
उधर, संसद मार्च के एक दिन बाद भी सैकड़ों छात्र और समर्थक जंतर-मंतर पर जुटे रहे। नड्डा ने विरोध प्रदर्शन में घायल लोगों से लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भी मुलाकात की। इस मुलाकात पर अभिजीत दीपके ने तीखा तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर इसे ‘भेड़िये से भेड़ की मुलाकात’ बताया, जिससे सियासी विवाद और तेज हो गया।
