सामना संवाददाता / मुंबई
गोरगांव (पूर्व) के आरे मेट्रो स्टेशन पर रोजाना यात्रा करनेवाले लोग पिछले दो महीने से एक अजीबोगरीब परेशानी झेल रहे हैं। यात्रियों को पश्चिम एक्सप्रेस हाईवे के पार सीधा रास्ता देने के लिए बनाया गया नया फुट ओवरब्रिज (एफओबी) तैयार होने के बावजूद बंद पड़ा है, जिसे आज भी उद्घाटन का इंतजार है।
एफओबी का उद्घाटन न होने के कारण स्टेशन से बाहर निकलने वाले यात्रियों को करीब ५० मीटर सड़क के किनारे चलकर बीएमसी द्वारा बनाए गए दूसरे पैदल पुल पर चढ़ना पड़ता है। यात्री राहुल कुमार झा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एफओबी तैयार है, लेकिन इसके बाद भी यात्रियों की मुसीबतें जारी हैं। उन्होंने बताया कि इस पुल का उद्घाटन मूलरूप से १५ अगस्त को होने की उम्मीद थी। आरे मेट्रो स्टेशन, जो मेट्रो लाइन-७ (गुंदवली-दहिसर-पूर्व) पर आता है, पर पहले से ही बीएमसी द्वारा संचालित एक पैदल पुल है। नया पुल, जिसे ओबेरॉय रियल्टी ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की उस नीति के तहत बनाया है, जिसमें निजी डेवलपर्स को आसपास की इमारतों से सीधे स्टेशन तक पहुंच देने की शर्त होती है, इस साल की शुरुआत में पूरा हुआ। यह स्टेशन के उत्तरी छोर पर बीएमसी के पुल के समानांतर बना है। कुछ यात्रियों का कहना है कि यह पुल थोड़े समय के लिए खुला भी था। गोरेगांव निवासी रितेश उत्तमचंदानी ने कहा कि ‘कुछ महीने पहले पुल खोला गया था, लेकिन केवल कमर्शियल परिसर में जानेवाले कर्मचारियों के लिए। कुछ ही दिनों में इसे फिर से बाकी सबके लिए बंद कर दिया गया।’
महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमएमओसीएल) के अधिकारियों ने बताया कि पुल को अब तक इसलिए नहीं खोला गया है क्योंकि वह अनिवार्य सुरक्षा मंजूरी का इंतजार कर रहा है, ठीक वैसे ही जैसे किसी इमारत में प्रवेश से पहले ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इस मंजूरी के बिना पुल को जनता के लिए खोलना संभव नहीं है।
