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काशी सहित पूरे पूर्वांचल में गर्मी प्रचंड रूप में…पारा पहुंचा 45 के करीब

-भीषण गर्मी के चलते सड़कों और घाटों पर छाया सन्नाटा

उमेश गुप्ता / वाराणसी

देश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से तल्ख हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, आज से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी यानी ‘हीट वेव’ का एक नया और बेहद खतरनाक दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार की गर्मी पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ रही है। आज से शुरू हो रहे इस नए स्पेल में राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पूर्वांचल सहित बनारस में गर्मी की तल्खी सोमवार से दिखने लगी। यहां सुबह 10:00 बजे के बाद ही आसमान से आग बरसना शुरू हो गया था। दोपहर तक स्थिति यह थी कि जाम वाले क्षेत्र भी खाली-खाली नजर आए। बाबतपुर मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को नगर का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो रविवार की अपेक्षा अधिक था। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो गर्मी अभी और प्रचंड रूप अख्तियार करेगी। ऐसे में 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा में इस बार सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं। उन्होंने नगरवासियों से अपील की है कि घर से बाहर निकलते समय भरपूर मात्रा में पानी पीकर और सिर ढंककर निकलें।
दूसरी ओर ग्रीष्म ऋतु और तीव्र तापमान के बीच भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का उत्साह निरंतर बना हुआ है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा श्री विश्वेश्वर के दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सहज दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर तथा दर्शन मार्ग में जगह-जगह मटकों में शीतल जल की व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल रही है।
इसके अतिरिक्त दर्शन पथ पर जूट मैट बिछाई गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को चलने में असुविधा न हो। वहीं श्रद्धालुओं को शीतल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए फुहारे युक्त पंखे भी लगाए गए हैं, जिनसे निरंतर शीतल जल की फुहार और वायु मिल रही है। मंदिर न्यास द्वारा की गई इन व्यवस्थाओं का लाभ प्राप्त करते हुए श्रद्धालु सुगमता और श्रद्धाभाव के साथ बाबा श्री विश्वेश्वर का दर्शन कर रहे हैं।

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