फिरोज खान
इश्क में गिरफ्तार लड़कियां अकसर घरवालों की मर्जी के खिलाफ किसी गरीब और बेरोजगार लड़के से शादी तो कर लेती हैं, लेकिन जब उन्हें अहसास होता है कि सिर्फ प्यार के बदौलत जिंदगी बसर नहीं होगी, तो उनका मन बदलने लगता है और प्यार-व्यार, कस्मों-वादों से उन्हें नफरत होने लगती है। राजू और रजनी के बीच भी कुछ ऐसा ही हुआ और अंतत: उनका इश्क खून से सन उठा। मथुरा का रहनेवाला राजू (३० वर्ष) जागरण मंडली में छोटे-मोटे काम करता था। उसी मंडली में रजनी भजन गायिका थी। उसकी मीठी आवाज और सुंदरता पर राजू फिदा था। रजनी भी राजू की सादगी पर दिल छिड़कती। कुछ ही दिनों में दोनों का प्यार आशिकी में बदल गया और उन्होंने शादी करने का पैâसला कर लिया। जब रजनी ने घरवालों से शादी की बात बताई तो घर में कोहराम मच गया। पिता ने उससे साफ-साफ कह दिया कि जो अपना पेट नहीं भर सकता वो तुम्हें क्या खुश रख पाएगा, लेकिन रजनी पर तो राजू के प्यार का खुमार चढ़ा हुआ था और घरवालों के लाख मना करने के बावजूद उसने राजू से शादी कर ली। राजू के टूटे-फूटे मकान में दुल्हन बन रजनी पहुंच गई। कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चला। लेकिन राजू को काम मिलना बंद हो गया और रजनी को भी महीने में एकाध बार ही भजन गाने का मौका मिलता। पैसों की तंगी शुरू होते ही जिंदगी के शौक तो दूर खाने के भी लाले पड़ने लगे। अब रजनी के सिर पर सवार इश्क का भूत उतरने लगा। इस बीच रजनी की मुलाकात राजेश नामक शख्स से हुई। अच्छे-खासे बिजनेस के साथ ही राजेश के पास घर, गाड़ी सहित सब कुछ था। अब रजनी की नजदीकियां राजेश के साथ बढ़ने लगीं और चोरी-छिपे उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया। राजेश का तामझाम और उसके पैसों को देख उसका मन डगमगाने लगा। वह मन ही मन सोचने लगी राजू के साथ कब तक वो गरीबी और मुफलिसी की जिंदगी बसर करती रहेगी। खैर, कस्मे-वादों को भूल इश्क का चोला उतार ऐशोआराम की जिंदगी बसर करने के लिए उसने राजेश के साथ शादी करने का पैâसला कर लिया। शादी से पहले उसे राजू को रास्ते से हटाना था इसलिए राजेश के साथ मिलकर उसने अपनी मोहब्बत यानी राजू का कत्ल करने की साजिश रची। जागरण में चलना है, कहकर वह राजू को लेकर घर से निकल पड़ी। आनेवाली मुसीबत से बेखबर राजू उसके साथ चल दिया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद रजनी उसे एक मकान में ले गई और राजू को जमकर शराब पिलाई। जब वह नशे में होश खोने लगा तो राजेश वहां पंहुचा और रजनी के साथ मिलकर उसने राजू की छाती और पेट पर चाकू से हमला कर दिया। अब लाश उनके सामने थी और सवाल यह था कि लाश को कहां फेंका जाए। खैर, सुनसान जगह देखकर उन्होंने एक जगह लाश फेंक दी। रास्ते का कांटा निकल जाने के बाद रजनी और राजेश बहुत खुश थे, लेकिन दोनों का अपराध छिप न सका और दोनों पकड़ लिए गए।
