मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात : सीसीटीवी ने खोला खौफनाक मर्डर का राज

तहकीकात : सीसीटीवी ने खोला खौफनाक मर्डर का राज

फिरोज खान

२१ साल की चांदनी (बदला हुआ नाम) फोरेंसिक की पढ़ाई कर रही थी और इस फील्ड में ही वो अपना करियर बनाना चाहती थी। इसी बीच उसकी मुलाकात यूपीएससी की तैयारी कर रहे एक लड़के से हुई। दोनों के बीच प्यार हुआ और नजदीकियां बढ़ते ही दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। आए दिन उनके बीच शारीरिक संबंध बनने लगे। एक दिन चांदनी को पता चला कि वो जिस शख्स के साथ रह रही है, उसने उनके सेक्स के वीडियो और तस्वीरें लैपटॉप और हार्ड डिस्क में छिपाकर रखी हुई हैं। अब चांदनी ने कई बार लड़के से वीडियो डिलीट करने को कहा, लेकिन वो राजी नहीं हुआ। दोनों के बीच मामला अब कुछ इस कदर बढ़ा कि चांदनी ने एक खौफनाक मर्डर करने की साजिश रच डाली। साजिश इस कदर रची कि हत्या भी हो जाए, मगर लगे कि यह एक हादसा है। इस काम के लिए चांदनी ने अपने पूर्व प्रेमी को अपना हथियार बनाने की योजना बनाते हुए उससे संपर्क किया। चांदनी फोरेंसिक पढ़ाई कर रही थी इसलिए उसे हत्या के सबूत किस तरह मिटाना चाहिए इसकी अच्छी जानकारी थी। इसके अलावा उसे वेब सीरीज देखने का भी शौक था। वेब सीरीज में हत्याओं की कहानी वह देख चुकी थी। हत्या का प्लान तैयार होने के साथ ही सबूत मिटाने की भी योजना बन गई। प्रेमी घर में सो रहा था, तभी चांदनी ने अपने पूर्व प्रेमी को फोन कर बुला लिया। पूर्व प्रेमी ने लड़के का गला दबाकर उसे मार डाला। अगला कदम था अब लाश को ठिकाने लगाना और सबूतों को मिटाना। चांदनी और उसके पूर्व प्रेमी ने लाश पर घी और तेल छिड़क दिया, ताकि आग तुरंत पकड़ ले। फिर गैस सिलिंडर का रेग्युलेटर खोला और लाश के सिर के पास रख दिया, ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे। पूर्व प्रेमी गैस डिस्ट्रीब्यूटर था, इसलिए उसे पता था कि कितने देर में सिलिंडर फटेगा। दोनों ने जल्दी से दरवाजे की जाली काटी और बाहर निकलते हुए अंदर से कुंडी लगा दी। कुछ देर बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ और लाश के परखच्चे उड़ गए। शुरुआती जांच में यही लगा कि सिलिंडर ब्लास्ट होने से युवक की मौत हो गई, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने चांदनी की सारी प्लानिंग की हकीकत खोल दी। ब्लास्ट से पहले चेहरा ढंके दो लोग घर से बाहर निकलते हुए दिखे। यहीं से पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इनके पास से हार्ड डिस्ट, एक ट्रॉली बैग, पीड़ित की शर्ट और मोबाइल फोन बरामद हुआ। दोनों आरोपी अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। कहते हैं न कि जुर्म कितने भी शातिराना तरीके से किया जाए, फिर भी वो छिपता नहीं है और कभी न कभी हकीकत सामने आ ही जाती है।

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