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तहकीकात : लव मैरिज पर सामाजिक क्रूरता का शिकंजा… प्रेमी जोड़े तड़पा-तड़पाकर ली जान

फिरोज खान
जमाना शुरू से मोहब्बत का दुश्मन रहा है। इसकी खास वजह यह रही है कि प्यार अंधा होता है। वह न तो जात देखता है और न ही धर्म। वे एक दूसरे के इश्क में इस कदर खो जाते हैं कि उन्हें मर मिटने का भी कोई गम नहीं होता है। ऐसे ही एक लड़का और लड़की मोहब्बत कर बैठते हैं, इसका नतीजा इतना भयानक साबित हुआ कि दोनों की मौत की कहानी सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी। इनका जुर्म बस इतना था कि दोनों की जाति अलग थी। तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में पुडकूरापेट्टई गांव में २० साल की रंजना और २२ साल का दीपक रहते थे। दोनों एक दूसरे से बेपनाह प्यार करने लगे थे। इनका इश्क इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने जमाने की परवाह किए बिना साथ जीने और मरने की कसमें खा लीं। इनके प्यार में एक बाधा थी, जाति। रंजना वन्नियार समुदाय से थी, जबकि दीपक एससी था। दोनों जानते थे कि समाज उनके रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगा। इस वजह से उन्होंने चुपके से शादी कर ली और अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया। शादी के बाद वे दोनों अपने गांव लौट आए और अपने-अपने परिवारों के साथ इस तरह रहने लगे, जैसे उन्होंने शादी नहीं की है। ज्यादा दिनों तक अलग-अलग रहना उन्हें चुभने लगा और उन्होंने एक पैâसला ले लिया। एक-दूसरे के करीब आने के लिए बेकरार दोनों इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि उनके साथ भयानक कांड होने वाला है। पैâसले के मुताबिक, दोनों चुपचाप गांव छोड़ कर चले गए। घर वालों ने खोजना शुरू किया, तो दीपक गांव से दूर एक सुनसान जगह पर पाया गया। उसके सारे कपड़े उतार दिए गए। उसे एक खंभे से बांध दिया गया और गांव वालों के सामने उस की बेरहमी से जमकर पिटाई की गई। होश गवां बैठे दीपक से रंजना का पता पूछने के लिए लोग दबाव बना रहे थे। दीपक को भूखा-प्यासा रखकर तडपाया जाने लगा। आखिरकार रंजना का पता गया। समाज के लोग रंजना के बाल पकड़कर घसीटते हुए दीपक के पास ले आए। बाद में दोनों को गांव के पास एक बाग में ले जाया गया, जहां दोनों को जहर दिया गया। दोनों छटपटाते रहे। कुछ समय बाद उनके मुंह से झाग निकल आया दोनों की मौत हो गई। प्यार के दुश्मन समाज के लोगों का इससे भी दिल नहीं भरा तो दोनों की लाश को जला दिया। मरने के बाद भी दोनों करीब न आ सके इसलिए दोनों लाशों को अलग-अलग जगह ले जाकर आग के हवाले कर दिया। पुलिस को इस वारदात के बारे में जानकारी मिली। वह घटनास्थल पर गई, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मामला ज्यादा गरमा गया और मीडिया तक बात पहुंची तो ९ दिनों के बाद मामला दर्ज किया गया।

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