सुरेश गोलानी / मीरा-भायंदर
मीरा रोड के उपमंडल परिवहन निरीक्षक प्रसाद नलवडे को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धम की मिलने से सनसनी पैâल गई है। खुद को बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि यदि गलत लोगों को रिक्शा लाइसेंस जारी किए गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस संबंध में काशीगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। परिवहन विभाग को पिछले कुछ दिनों से मीरा-भायंदर शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिक्शा परमिट
जारी किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी रिक्शा चालकों के लाइसेंस की जांच करने और यह सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए कि चालक मराठी जानते हैं या नहीं। इस आदेश के बाद विवाद खड़ा हो गया और रिक्शा चालकों ने मराठी भाषा की अनिवार्यता का विरोध करते हुए बंद का आह्वान भी किया।
इसी बीच, रविवार को जब परिवहन निरीक्षक प्रसाद नलवडे कर्नाटक के बेंगलुरु में थे, तब उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए धमकी दी। कॉल में कहा गया कि गलत लोगों को रिक्शा लाइसेंस न दिए जाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, धमकी देने वाले व्यक्ति ने मराठी भाषा के मुद्दे का उल्लेख किया था या नहीं, इस पर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। सोमवार को मुंबई पहुंचने के बाद नलवडे ने काशीगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रिक्शा परमिट सही तरीके से जारी करने और गलत लोगों को लाइसेंस न देने की चेतावनी दी थी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कॉल करने वाले ने मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (मीरा-भायंदर) ने शहर में चल रहे करीब १२ हजार ऑटो रिक्शों में से लगभग ३,००० की जांच पूरी कर ली है। वहीं, इस धमकी भरे कॉल के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है।
