मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिमाधवबाग ने शुरू किया ‘मोटापा मुक्त भारत अभियान’, डिजिटल हेल्थ क्रांति से...

माधवबाग ने शुरू किया ‘मोटापा मुक्त भारत अभियान’, डिजिटल हेल्थ क्रांति से मिलेगा फायदा

रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
देश में तेजी से बढ़ रहे मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों को देखते हुए माधवबाग (मुंबई) ने एक राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत की है। इस अभियान का नाम ‘मोटापा मुक्त भारत अभियान’ रखा गया है। अभियान के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. रोहित साने का कहना है कि मोटापा आज देश के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. साने ने बताया कि मोटापा केवल शारीरिक परेशानी ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। मोटापे की वजह से लोग दिल की बीमारियां, मधुमेह, हृदयाघात, आर्थराइटिस और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि “मोटापा आज हमारे समाज के लिए एक कलंक की तरह है और इसे जड़ से खत्म करना जरूरी है।”उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश के प्रधानमंत्री ने भी लालकिले से मोटापे और उससे बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिंता जाहिर की थी।

डिजिटल हेल्थ क्रांति की शुरुआत
मोटापा मुक्त भारत अभियान के तहत एक डिजिटल हेल्थ क्रांति की भी शुरुआत 17 सितंबर से मुंबई में की गई है। इस प्रणाली का उद्देश्य लोगों को घर बैठे उपचार और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।  डॉ. साने के मुताबिक, “अब किसी व्यक्ति को बस एक क्लिक करना होगा और तुरंत उसे स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक जानकारी और सलाह उपलब्ध हो जाएगी।” इसके लिए लोगों को अपने मोबाइल से व्हाट्सएप पर ‘Motapa Mukta Bharat’ लिखकर भेजना होगा। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तुरंत स्वास्थ्य मार्गदर्शन देगी।

डॉ. रोहित साने पिछले 20 वर्षों से आयुर्वेदिक पद्धति के जरिए लोगों का इलाज कर रहे हैं। उनका मानना है कि आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से न केवल मोटापे पर काबू पाया जा सकता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ बनाया जा सकता है। इस अभियान का मकसद केवल मोटापे को कम करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण करना है। माधवबाग का मानना है कि मोटापे पर नियंत्रण पाकर ही देश की कई स्वास्थ्य समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

अन्य समाचार