मुख्यपृष्ठनए समाचारयुवाओं से महायुति की ‘महाठगी’!

युवाओं से महायुति की ‘महाठगी’!

-सैकड़ों युवाओं का ‘छीना रोजगार’!

-राज्य में स्टेनोग्राफर का पद खत्म

– वर्षों की तैयारी बेकार, छात्रों में गुस्सा

-सरकारी विभागों में मिलती थी नौकरी

सामना संवाददाता / मुंबई

भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है। देना तो दूर, अब वह रोजगार छीनने के काम में जुट गई है। एक ताजा फरमान में महायुति ने राज्य में ‘स्टेनोग्राफर’ के पद को खत्म करते हुए सैकड़ों युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। इससे वर्षों से तैयारी करनेवाले छात्रों में गुस्सा भड़क उठा है। एमपीएससी के तहत तैयारी करनेवाले छात्रों को यह नौकरी मिलती थी। हर साल सैकड़ों युवाओं को इसके लिए चुना जाता था।
वर्षों की मेहनत, कोचिंग और तैयारी में जुटे हजारों युवाओं के सपनों पर अचानक ताला लगने से छात्र वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। पांच-पांच साल तक परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के सामने अब भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जबकि बेरोजगारी पहले ही चरम पर है।
‘स्टेनोग्राफर’ पद खत्म करने का फैसला वापस लो!
राज्य सरकार ने स्टेनोग्राफर पद को खत्म करते हुए इसकी भर्ती प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है। राज्य में बेरोजगारी का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार के इस पैâसले से छात्र वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। राष्ट्रवादी सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार को युवाओं से रोजगार के अवसर इस तरह नहीं छीनने चाहिए। सुप्रिया सुले ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए स्पष्ट कहा है कि युवाओं के रोजगार के अवसर इस तरह छीनना अन्याय है और सरकार को तुरंत अपना पैâसला वापस लेना चाहिए।
सरकार महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से स्टेनोग्राफर पद पर भर्ती करती थी। इससे हजारों युवाओं का स्टेनोग्राफर बनने का सपना टूट गया है और छात्रों में गहरा रोष पैâल गया है। छात्रों का आरोप है कि एक तरफ सरकार भर्ती नहीं कर रही, और दूसरी तरफ जो पद मौजूद हैं, उन्हें भी खत्म किया जा रहा है।
छात्रों में आक्रोश
छात्रों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से वे इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अचानक पद समाप्त कर दिए जाने से उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस पद को खत्म न करे और जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करे। स्टेनोग्राफी का प्रशिक्षण लेने वाले लाखों उम्मीदवारों के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र इस पद की तैयारी करते हैं। अब भर्ती बंद होने से उनके सामने करियर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कई छात्रों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्षों की तैयारी के बाद अब तुरंत किसी दूसरे क्षेत्र में जाना भी संभव नहीं है।

अन्य समाचार