सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना पार्टी और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न से जुड़े मामले को सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। पिछले तीन वर्षों से लंबित इस मामले की आज सुनवाई होगी और अदालत अंतिम दलीलें सुनेगी क्या? इस पर पूरे महाराष्ट्र सहित राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।
शिवसेना के साथ ‘गद्दारी’ करने वाले शिंदे गुट को पार्टी का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न देने के केंद्रीय चुनाव आयोग के २०२२ के पैâसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस संबंध में याचिका दायर की है। साथ ही, बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के बजाय योग्य ठहराने वाले विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के निर्णय को शिवसेना के मुख्य सचेतक (मुख्य प्रतोद) और विधायक सुनील प्रभु ने भी चुनौती दी है। दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने की घोषणा न्यायालय पहले ही कर चुका है, लेकिन अब तक अंतिम दलीलें सुनने के लिए सुनवाई का ‘मुहूर्त’ नहीं मिल पाया है। यह मामला कार्यसूची में ३६वें स्थान पर है। ऐसे में सुनवाई होगी या समयाभाव के कारण फिर से नई तारीख दी जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
