मुख्यपृष्ठनए समाचारएआई का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग ही सिद्ध करेगा इसकी सार्थकता-प्रो. योगेंद्र

एआई का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग ही सिद्ध करेगा इसकी सार्थकता-प्रो. योगेंद्र

राजेश सरकार / प्रयागराज

हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नैनी में बुधवार को शिक्षा, समाज एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान एवं पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रोफेसर ओम प्रकाश की अध्यक्षता में भाषा, संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ के अंतर्गत हिंदी एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में गोविंद बल्लभ पंत संस्थान, झूंसी के निदेशक प्रोफेसर योगेंद्र प्रताप सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शिक्षा और समाज पर बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई की उपयोगिता तभी सार्थक है जब उसका प्रयोग विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। प्राचीन समाज के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने विषय को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सविता कुमारी श्रीवास्तव के अतिथियों के स्वागत से हुआ। इस दौरान लोकभारती प्रकाशन की पुस्तकों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इसका लाभ प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने उठाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अर्चना राय ने किया, जबकि विषय प्रवर्तन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ जयराम त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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