डॉ. ममता शशि झा
मुंबई
गोकुल जी आ सीमा के बियाहक पच्चीसम साल छलनि। आब पचीसम साल आजि-गुजि साल नहिं, बहुत विशिष्ट साल होई छई, एकटा बड़का आयोजन, एकटा बड़का इव्हेंट भे गेल अछि। जेना गाड़ी के आ अन्य व्यवसायक रिन्यूअल करायल जाईत अछि, मोटा-मोटी ओहिना बुझियऊ। अहिमे कनिया-बरक, माय-बापक स्थान पर धिया-पूता सब जिम्मेदारी लई छथि पूरा पार्टीक आयोजनक। आई-काल्हि के समयमे, जिनकर सबहक विवाहक पचीसम साल पूरा होई छनि, हुनका सबहक विवाहक समयमे बेसी ताम-झाम, संगीत, मेंहदी आ हल्दिक आयोजन नहिं भेल छलनि, ते अहि सबहक आयोजन पर विशेष ध्यान देल जाई छई। धिया-पूताक विवाहके आयोजक समयमे माता-पिताक पचीसम विवाहक आयोजन कायल जा रहल अछि, आ आयोजक रहई छथि बच्चा सब। समय के मांगक अनुसार गोकुल जी आ सीमा जी पचीसम विवाहक वर्षगांठक तैयारी जोर-शोर स शुरू भेल। सबस पहिने हॉल बुक भेल, मेंहदी आ संगीतक दिन तय भेल, मेंहदी आ मेकअप बाली के दाम देखिए क गोकुल जी के बी.पी. बढ़ि गेलनि, मुदा पत्नीक आंखि तरेरल चेहरा मोन पड़लनि ते मोन मसोसि के रहि गेलनि। आब संगीत हेतई ते नचनाईयो जरूरी छई, आ मैथिलक नाचके तरीका त जगजाहिर अछि, अपन दोस्त सबहक सामने बेइज्जती स बच लेल धिया-पूता सब कोरियोग्राफर के बजोलक। ओ नाचि के जहन एक-एक टा स्टेप्स देखबनि त गोकुल जी के माथ चकरा जानि आ हद्द ते तखन लगनि जहन अंतिम गीतमे हुनका अपन कनिया के उठा के घुमाब बला स्टेप देखेलखनि! अपन दुबर-पातर काया आ पत्नी के मजबूत शरीरक बारेमे सोचिए क चन्हरा लागि गेलनि। बियाहक हमयमे दुनु गोटे के काया क्षीण छलनि, मुदा समय के संगे-संग, पत्नी बेसी मजबूत होईत गेलखिन, आब ते सोचिए के पैर थरथराय लगलनि। सीमाजी मेंहदी, संगीत आ पार्टी दिनका कपड़ा के लिस्टमे अपना संगें-संग पूरा नइहरक लोकक नाम लिखने छलि, से देखि के गोकुल जी के बुझेलनि जे पचीस साल पहिने के नियम उलटि गेल छई। अंतत: अहि तीन दिनक फंक्शन के मेन्यू जहन तय कर लेल सब गोटे बैसला ते अनेरो के बाक युद्ध शुरू भे गेल। धिया-पूता सबके पास्ता, पिज्जा, बर्गर आ बिदेशी कूजिन चाहई छलनि, हिनका सबके अपन हिसाब सँ, आ गोकुल जी के माता-पिता के के दोस्त सबहक हिसाब स, अलगे। ओहुना गोकुल जी के माता-पिता सब ई तैयारी होईत देखलखिन तहने सँ, हिनका सबके परोछ मे अपन संगी-साथी आ सगा-संबंधि सबहक संगे कुटचालि आ कुटिल मुस्कान शुरू छलनि।
आब अहिमे जँ हुनका सबहक मोन जोगरक नहिं भेलनि ते हल्ला मचि जायत!!
गोकुल जी अहि सबहक बीच चेहरा पर मुस्कि रखने मोने-मोन आमिल पिबईत सोचई छलथि हे भगवान बियाहे किया भेल!!
