-हजारों की संख्या में सभा स्थल पहुंचे समर्थक
-महाराष्ट्र के लिए एक साथ लड़ने की खाई कसम
`महाराष्ट्र की एकता के लिए आह्वानित महासभा सम्मेलन में कल जनता की ऐसी भीड़ उमड़ी कि महाराष्ट्रद्रोहियों के होश उड़ गए। शिवप्रेमी, समर्थक और महाराष्ट्र की जन सुनामी से कल वर्ली का एनएससीआई डोम खचाखच भर गया। भावनाओं का तूफान इस तरह था कि वहां बाहर परिसर में, सड़कों पर व हर एक स्थान पर हुजूम इस कदर था कि कहीं पैर रखने की भी जगह नहीं थी। हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थक राज्य की एकजुटता की गवाही दे रहे थे। इस अवसर पर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण के अध्यक्ष राज ठाकरे ने उपस्थितजनों के समक्ष जोरदार आह्वान किया और स्पष्ट कर दिया कि अब हम एक साथ आए हैं तो एक साथ रहेंगे भी। उनके इस आह्वान से महाराष्ट्र की जनता में एक ओर नव ऊर्जा का संचार हुआ तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के होश उड़ गए।‘
सामना संवाददाता / मुंबई
वर्ली के एनएससीआई में आयोजित विजयी महासभा में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की तारीफ करते हुए कहा कि उनका कर्तृत्व सभी ने अभी देखा इसलिए अपने भाषण की शुरुआत में मैंने भी उन्हें माननीय राज ठाकरे, मेरे महाराष्ट्र के हिंदू भाइयों और मेरी बहनों कहकर संबोधित किया।
वर्लाr डोम में आयोजित विजयी सम्मेलन में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के हित के लिए दलगत भेद भुलाकर यहां के लोगों ने एकजुटता दिखाई, उसके लिए मैं सभी को धन्यवाद देता हूं, लेकिन एक बात निश्चित है, हमारे बीच जो दीवार थी, उसे अनाजीपंत ने हटा दिया। अब आपसे कोई अक्षत डालने की अपेक्षा नहीं है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस कार्यक्रम की घोषणा के बाद सभी की नजर हमारे भाषण पर थी, लेकिन हमारे भाषण से ज्यादा हमारा साथ दिखाई देना जरूरी है, ऐसा मुझे लगता है।
हम दोनों मिलकर तुम्हें बाहर फेंक देंगे!
भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक इन लोगों ने हमारा इस्तेमाल किया। हमने दोनों ने यानी मैं और राज और आप सभी ने इन नीच लोगों का अनुभव लिया है। इस्तेमाल करना और फिर फेंक देना, लेकिन अब हम दोनों मिलकर तुम्हें बाहर फेंक देंगे।
भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है
उद्धव ठाकरे ने भाजपा को अफवाहों की फैक्ट्री बताया और कहा कि बीच के समय में इन्होंने यह पैâलाना शुरू किया कि उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व छोड़ दिया। अरे हिंदुत्व किसी एक का ठेका नहीं है। हम असली मराठी बोलनेवाले, तुमसे ज्यादा कट्टर देशभक्त हिंदू हैं। तुम हमें हिंदुत्व सिखाते हो? १९९२-९३ में हमारे शिवसैनिकों ने गैर-मराठी लोगों को भी बचाया था।
महाराष्ट्र हित में आदमी अगर न्याय के लिए आंदोलन करता है और उसे तुम गुंडा कहते हो तो हम गुंडे ही हैं, हैं हम विरोधियों के लिए गुंडे! न्याय मांगना गुंडागर्दी नहीं है। अगर तुम्हारे दरबार में बिना गुंडागर्दी के न्याय नहीं मिलता तो हम गुंडागर्दी करेंगे, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारियों को चेताया। देवेंद्र फडणवीस को चेताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के समय स.का. पाटील का एक वाक्य था कि दिल्लीवालों के पैर चाटनेवालों को मैं गद्दार कहता हूं। इस पर सभागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मोदी की पढ़ाई कितनी?
उन्होंने कहा कि अगर शिवसेनाप्रमुख का हाथ तुम्हारे सिर पर नहीं होता तो तुम्हें महाराष्ट्र में कौन जानता था? किस भाषा में बोलते थे? राज ने सबकी पढ़ाई के बारे में बताया, लेकिन मोदी की पढ़ाई कितनी? सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं, ऐसा तंज भी उद्धव ठाकरे ने कसा।
