न्यू लिंक रोड पर अवैध बैनर और राजनीतिक होर्डिंग्स से बिगड़ी सूरत
ट्रैफिक में बाधा के आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई को अवैध बैनर और फ्लेक्स से मुक्त करने के तमाम दावे और आदेश कागजी साबित हो रहे हैं। भले ही महापौर रितू तावडे ने फ्लेक्समुक्त मुंबई का एक आदर्श उदाहरण पेश करने की कोशिश की हो, लेकिन धरातल पर इसका अमल पूरी तरह शून्य नजर आ रहा है। इसका सबसे ताजा और जीता-जागता उदाहरण अंधेरी स्थित महानगरपालिका के के/पश्चिम वार्ड के अंतर्गत आने वाला काजूपाडा जंक्शन, न्यू लिंक रोड, ओशिवरा (जोगेश्वरी पश्चिम) है।
वर्तमान स्थिति यह है कि इस व्यस्त जंक्शन और न्यू लिंक रोड के आसपास अनधिकृत फ्लेक्स, बैनर और पोस्टरों की भरमार है। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि इन अवैध विज्ञापनों और राजनीतिक होर्डिंग्स के कारण न केवल इलाके की सुंदरता धूमिल हो रही है, बल्कि ट्रैफिक संचालन में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके बावजूद, स्थानीय महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई न होना कई तरह के सवाल खड़े करता है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
आम नागरिकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जब नियमों का उल्लंघन खुलेआम हो रहा है, तब के/पश्चिम वार्ड के अधिकारी आंखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? क्या मनपा के नियम केवल आम नागरिकों के लिए हैं और अवैध फ्लेक्स लगाने वालों को प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त है।
स्थानीय नागरिकों और सजगकरों ने मांग की है कि के/पश्चिम वार्ड के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत नींद से जागें और काजूपाडा जंक्शन समेत पूरे न्यू लिंक रोड को इन अवैध फ्लेक्स और पोस्टरों से पूरी तरह मुक्त करें। यदि जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो जनता इस लापरवाही के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के लिए मजबूर होगी।
