-सरकारी कंपनी को किनारे, निजी पर मेहरबानी!
-पूर्व सीएमडी के परिवार की कंपनी के लिए प्रतिस्पर्धा क्यों हटाई?
-टेंडर और प्रतिस्पर्धा पर सवाल
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड की खरीद प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। इंडियन एक्सप्रेस की जांच के मुताबिक, बीडीएल ने मई २०२६ में ३०० ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए केवल ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी को टेंडर जारी किया। कंपनी ने ५६.८ करोड़ रुपए की बोली लगाई है; तकनीकी मूल्यांकन पार होने के बाद वित्तीय मूल्यांकन जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कंपनी बीडीएल के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी ने उनके सेवानिवृत्त होने के बाद बनाई थी। फिलहाल पत्नी शांभवी मिश्रा की इसमें ९५ प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे खरीद प्रक्रिया में हितों के टकराव का सवाल उठा है।
बीडीएल ने ‘तत्काल जरूरत’ का आधार लिया है। लेकिन २०२४ और २०२५ में इसी प्रकार की खरीद प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से हुई थी और दोनों बार सरकारी कंपनी इंडिया ऑप्टेल को काम मिला था। इस बार प्रतिस्पर्धा क्यों हटाई गई? अखबार की दूसरी पड़ताल के मुताबिक, ऐंद्रि के २०२४–२५ के खातों में विनिर्माण संयंत्र या संपत्ति दर्ज नहीं है। संवाददाताओं को उसका कार्यालय भी बंद मिला। सवाल है कि आपूर्ति क्षमता और कीमत की सटीकता कैसे परखी गई? अखबार के मुताबिक, बीडीएल, मिश्रा और उनकी पत्नी ने उसके सवालों का जवाब नहीं दिया। इंडियन एक्सप्रेस की दोनों रिपोर्टों में उठे मुद्दों को सवालों में इस तरह रखा जा सकता है।
१. २०२४ और २०२५ में प्रतिस्पर्धी खरीद हुई थी, तो २०२६ में प्रतिस्पर्धा क्यों हटाई गई?
२. पहले दोनों बार आपूर्ति करने वाली सरकारी कंपनी इंडिया ऑप्टेल को इस बार अवसर क्यों नहीं दिया गया?
३.. केवल ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी को ही बोली लगाने के लिए क्यों चुना गया?
४. बीडीएल ने जिस ‘तत्काल जरूरत’ का हवाला दिया, वह जरूरत क्या थी और अचानक कैसे पैदा हुई?
५. निजी कंपनियों को अवसर देना था, तो खुली प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं कराई गई?
६. बिना प्रतिस्पर्धी बोली के ५६.८ करोड़ रुपए की प्रस्तावित कीमत उचित होने का आकलन कैसे होगा?
पूर्व सीएमडी और हितों के टकराव पर सवाल
७. बीडीएल के पूर्व सीएमडी और उनकी पत्नी द्वारा स्थापित कंपनी का चयन कितना निष्पक्ष है?
८. पत्नी की ९५ प्रतिशत हिस्सेदारी वाली कंपनी के मामले में संभावित हितों के टकराव की जांच कैसे हुई?
९. सिद्धार्थ मिश्रा के एनसीएलटी में तकनीकी सदस्य बनने से पहले उनकी हिस्सेदारी पत्नी और दूसरे हिस्सेदार को क्यों हस्तांतरित हुई?
१०. हिस्सेदारी हस्तांतरण के बाद कंपनी में मिश्रा की वास्तविक भूमिका क्या रही?
कंपनी की क्षमता और कारोबार पर सवाल
११. खातों में विनिर्माण संयंत्र या अन्य संपत्तियां दर्ज नहीं हैं; कंपनी उपकरण बनाएगी या कहीं और से खरीदेगी?
१२. केवल सेवा कारोबार दिखाने वाली कंपनी की रक्षा उपकरण आपूर्ति की क्षमता कैसे परखी गई?
१३. ४४.४३ लाख रुपए राजस्व और २.८९ लाख रुपए लाभ वाली कंपनी इतने बड़े प्रस्ताव की वित्तीय जिम्मेदारी वैâसे संभालेगी?
१४. ३०० ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति और कम से कम १५ वर्षों का तकनीकी सहयोग देने की क्षमता कैसे सुनिश्चित होगी?
१५. संवाददाताओं को कार्यालय बंद मिला और पड़ोसियों ने कभी-कभार खुलने की बात कही; नियमित संचालन कहां होता है?
१६. प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स और टोनबो इमेजिंग के साथ ऐंद्रि के कारोबारी संबंधों का स्वरूप क्या था?
१७. इन दोनों कंपनियों के बीडीएल से संबंध होने के बीच संभावित हितों के टकराव को कैसे परखा गया?
१८. टोनबो को दी गई परामर्श सेवाएं किस अवधि में और किस काम के लिए थीं?
जवाबदेही पर सवाल
१९. बीडीएल ने अखबार के सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया?
२०. सिद्धार्थ मिश्रा, शांभवी मिश्रा और ऐंद्रि ने अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की?
२१. दूसरे हिस्सेदार ने टेंडर की जानकारी साझा करने से इनकार क्यों किया?
टेंडर और प्रतिस्पर्धा पर सवाल
