-ट्रैफिक पुलिस वसूली में व्यस्त
-नो एंट्री में बड़े वाहनों की एंट्री
प्रेम यादव / भायंदर
मीरा-भायंदर शहर की सड़कों पर अवैध पार्किंग और गैराज वालों का कब्जा आम नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इंद्रलोक, गोल्डन नेस्ट सर्कल, विमल डेयरी, केबिन रोड, रावल नगर, स्टेशन रोड, आजाद नगर, फाटक रोड, बीपी रोड, नवघर रोड के अलावा भायंदर- पश्चिम के लगभग हर इलाके में सड़कों पर दोपहिया, चार पहिया वाहनों और ट्रक-टेंपो की अवैध पार्किंग देखी जा सकती है, लेकिन यातायात पुलिस अपनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर सिर्फ वसूली में व्यस्त नजर आती है। नतीजे में भयंकर ट्रैफिक जाम और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। दूसरी तरफ नो एंट्री के दौरान भी शहर में मालवाहक ट्रक-टेंपो की एंट्री देखी जा सकती है। बताया जाता है कि ट्रांसपोर्टरों से यातायात पुलिस का हफ्ता बंधा हुआ है इसलिए वे बेधड़क शहर में एंट्री करते हैं।
उल्लेखनीय है कि कई स्थानों पर गैराज वालों ने आधी सड़क तक घेरकर काम शुरू कर दिया है, जिससे राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि मेट्रो का काम पहले से ही यातायात को प्रभावित कर रहा है और ऊपर से अवैध पार्किंग ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। गोल्डन नेस्ट सर्कल से काशीमीरा रोड के फुटपाथ जो पैदल चलने वालों के लिए बने हैं, उन्हें सेकेंड हैंड गाड़ियों की बिक्री और शोरूम खोलने में इस्तेमाल किया जा रहा है। फुटपाथ पर भी जगह नहीं बची। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़क पर चलने को मजबूर हैं। नागरिकों का आरोप है कि यातायात पुलिस अवैध पार्किंग हटाने या सड़कें साफ कराने के बजाय केवल चालान काटने और जुर्माने की वसूली में लगी रहती है। बड़े वाहन अक्सर नो-पार्किंग और नो-एंट्री क्षेत्रों में खड़े मिलते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल दोपहिया वाहन चालकों को निशाना बनाया जाता है। शहर में अब तक कई सड़क हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। ट्रक और टेंपो के नीचे आकर कई दोपहिया वाहन चालकों ने अपनी जान गंवाई है। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक विभाग और न ही वरिष्ठ अधिकारी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता ने शहर को अवैध पार्किंग जोन बना दिया है।
समस्या
मीरा-भायंदर की लगभग हर सड़क पर अवैध पार्किंग।
फुटपाथ पर सेकंड हैंड गाड़ियों के शोरूम और गैराजों का कब्ज़ा।
मेट्रो कार्य से पहले से ही यातायात बाधित, अवैध पार्किंग से स्थिति और बिगड़ी।
ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के बजाय चालान वसूली पर केंद्रित।
बढ़ते सड़क हादसे, कई जानें जा चुकीं।
