– गणेश की एकनाथ को सीधी चुनौती
– १६ अप्रैल को ठाणे में होगा आयोजन
– शक्ति प्रदर्शन से शिंदे गुट में बढ़ी बेचैनी
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे शहर में भाजपा की फिर से आक्रामक एंट्री ने महायुति की सियासत में हलचल तेज कर दी है। वन मंत्री गणेश नाईक के १६ अप्रैल को आयोजित होने वाले ‘जनता दरबार’ को लेकर शहर में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स ने इसे महज जनसुनवाई का कार्यक्रम नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया है। यह कदम सीधे तौर पर शिंदे के गढ़ में राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ नाईक का बढ़ता दखल तो दूसरी ओर शिंदे गुट की बढ़ती बेचैनी से साफ संकेत मिल रहे हैं कि महायुति के भीतर अब अंदरूनी जंग खुलकर सतह पर आ चुकी है।
ठाणे शहर में नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए वन मंत्री व पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक के नेतृत्व में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगामी गुरुवार को आयोजित होगा। इस जनता दरबार में नागरिक अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के समक्ष रख सकेंगे। प्रशासन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। बताया गया है कि कार्यक्रम के लिए सुबह ९.०० बजे से टोकन वितरण शुरू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, जिससे स्थानीय समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सके।
वर्चस्व की लड़ाई
अब राजनीतिक हलकों में इसे सीधे तौर पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दी जा रही चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। ठाणे, जिसे शिंदे का मजबूत गढ़ माना जाता है, वहीं पर नाईक द्वारा लगातार ‘जनता दरबार’ आयोजित करना महज जनसुनवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का संकेत माना जा रहा है। शहर में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स और कार्यक्रम की भव्य तैयारियों ने इसे और ज्यादा आक्रामक बना दिया है।
राजनीतिक विस्तार की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम को लेकर शिंदे गुट में बेचैनी बढ़ी हुई है। उनका मानना है कि पालघर के पालकमंत्री नाईक दूसरे क्षेत्र में सक्रिय होकर प्रशासनिक दखल और राजनीतिक विस्तार की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, नाईक समर्थक इसे पूरी तरह जनसेवा का अभियान बता रहे हैं। बता दें कि मनपा चुनावों के समय भी गणेश नाईक ठाणे शहर, कल्याण और नई मुंबई में अक्सर जनता दरबार का आयोजन करते दिखे थे।
