रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
माटुंगा मध्य रेल स्थित मरुबाई गांव देवी मंदिर में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मरुबाई गांव देवी माटुंगा के ट्रस्टी अनिल गावंड के अनुसार, माटुंगा की यह देवी स्वयंभू हैं।इस देवी के नाम से माटुंगा का नाम रखा गया है। ब्रिटिश काल में अंग्रेज लोग इस देवी को सरस्वती के नाम से उनकी पूजा करते थे। इसलिए यहां पर शिक्षा का केंद्र खुला। रानी विक्टोरिया के नाम से यहां (वीजेटीआई) विक्टोरिया ज्युबिली टेक्निकल इंस्टीट्यूट खुला। आज इस कॉलेज से निकले हजारों विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी सेवा दे रहे हैं। माटुंगा के खालसा कॉलेज, रुईया कॉलेज तथा डान बास्को में पढ़ने वाले छात्र परीक्षा के समय मां का दर्शन कर परीक्षा देने जाते हैं और सफल होते हैं, ऐसी छात्रों में मान्यता है। 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्रोत्सव में माटुंगा के मरुबाई मंदिर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। गुरुवार 25 सितंबर को विधायक चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में अभिषेक तथा गणपति हवन का आयोजन किया गया। इसी तरह शुक्रवार को ललिता पंचमी के अवसर पर अभिषेक तथा हल्दी कुमकुम समारोह का आयोजन किया गया। 27 सितंबर शनिवार को मंदिर में दादर की भजन महिला मंडल तथा स्वर सखी महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया है। रविवार 28 सितंबर को अमृतकला संगीत बाल गोपाल मंडल द्वारा भजन-कीर्तन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सोमवार 29 सितंबर को मैत्री बोध परिवार तथा माटुंगा मांगड ग्रुप द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन है। दुर्गाष्टमी के दिन कुमारी पूजन, हवन तथा सामूहिक प्रार्थना कार्यक्रम रखा गया है। इसी तरह 1 अक्टूबर को स्वर साधना भजन मंडल दादर तथा आशीर्वाद भजन मंडल द्वारा माता की चौकी कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 2 अक्टूबर को विजयादशमी, शमी पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
