सामना संवाददाता / मुंबई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के बांद्रा पुनर्विकास प्रकल्प से जुड़े कथित 80 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के बीच सहायक आयुक्त महेश सुभाष पाटिल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी गंभीर आरोपों का विस्तृत और आधिकारिक खंडन किया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत ब्रिटेन निवासी व्यवसायी निशित पटेल को अपनी तरफ से नोटिस भेजकर तीन दिनों में ठोस सबूत पेश करने की मांग की है। अन्यथा शिकायत का मकसद उच्च पदस्थ अधिकारी को बदनाम करना है ऐसा समझते हुए उनके ऊपर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निशित पटेल द्वारा संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और वायरल वीडियो के संदर्भ में पाटिल ने कहा है कि “शिकायत पूरी तरह झूठी, निराधार और बिना किसी सबूत के की गई है। “निशित पटेल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि महेश पाटिल और अन्य सदस्यों ने उनसे 60 करोड़ रुपये की मांग की और उन्हें बंधक बनाकर धमकाया।
अब मामला जांच एजेंसियों और राज्य सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। महेश पाटिल ने कहा है कि वे “हर प्रकार की जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे और सत्य सामने आकर रहेगा। घोटाले से जुड़े आरोपों ने महाराष्ट्र प्रशासन में भ्रष्टाचार की बहस और तेज कर दी थी। अब पाटिल के आधिकारिक जवाब के बाद मामला नए मोड़ में प्रवेश कर गया है।
