खुशबू सिंह
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से मानवता को शर्मसार करनेवाली एक दिल दहला देनेवाली घटना सामने आई थी जून महीने में, जहां सदर थाना क्षेत्र में एक सौतेली मां अपनी महज ८ साल की गोद ली हुई बेटी को जबरन देह व्यापार के घिनौने धंधे में धकेल रही थी। बच्ची के विरोध करने पर उसे और उसके दो सगे बेटों द्वारा क्रूर तरीके से पीटा जाता था, जलाया जाता था और थर्ड डिग्री जैसी यातनाएं दी जाती थीं।
आरोपी महिला ने इस मासूम को लगभग दो वर्ष पहले गोद लिया था। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि महिला की मंशा शुरू से ही बच्ची का शारीरिक शोषण कर उसे देह व्यापार में झोंकने की थी। बच्ची ने पुलिस को बताया कि जब वो इस अमानवीय कार्य के लिए मना करती थी, तो सौतेली मां और उसके दोनों बेटे मिलकर उसे बेरहमी से मारते-पीटते थे। उसके शरीर पर सिगरेट से दागने, गर्म चिमटे से जलाने और बेल्ट से पिटाई के निशान साफ दिखाई दे रहे थे।
हिम्मत दिखाई, मां-भाइयों को कमरे में बंद कर भागी
लगातार हो रहे अत्याचार से तंग आकर आखिरकार ८ साल की इस नन्हीं बच्ची ने असाधारण साहस दिखाया। एक दिन मौका पाकर उसने सौतेली मां और दोनों भाइयों को कमरे में बंद कर दिया और वहां से भाग निकली। रास्ते में एक राहगीर की मदद से वो पुलिस तक पहुंचने में कामयाब रही।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बच्ची का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। वीडियो में उसका चेहरा सुरक्षित रखने के लिए ब्लर किया गया था, लेकिन शरीर पर मौजूद जख्म और चोट के निशान देखकर हर कोई सिहर उठा। वीडियो में बच्ची रोते हुए आपबीती सुना रही थी और सौतेली मां पर गंभीर आरोप लगा रही थी। वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों में सदर क्षेत्र के एसीपी हेमंत कुमार को इसकी सूचना मिली। एसीपी ने तत्काल टीम गठित कर बच्ची को सकुशल बरामद किया और आरोपी महिला को गिऱफ्तार कर लिया।
पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भादंवि की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट और बाल यौन शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया। ये घटना एक बार फिर समाज में बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
