मुख्यपृष्ठअपराधन्यूज स्कैन : बेटे को ठीक करने के लिए रिश्तेदार ने दी...

न्यूज स्कैन : बेटे को ठीक करने के लिए रिश्तेदार ने दी बच्ची की बलि… डॉक्टर दंपति भी अंधविश्वास में पड़कर बन गए हत्यारे

खुशबू सिंह

एक छोटा बच्चा जो टॉफी लेने के लिए घर से निकला और उसे नहीं पता था कि उसका अपना चाचा ही उसकी जान ले लेगा। अंधविश्वास ने लोगों को इतना पत्थर दिल बना दिया है कि वह मासूमों की बलि देने से भी नहीं डरते। अपनी छोटी सी परेशानी दूर करने या पैसे कमाने की हवस में, ये लोग शैतानी तांत्रिकों की बातों में आ जाते हैं और ऐसे दर्दनाक गुनाह करते हैं कि सुनकर कलेजा कांप जाता है।
तांत्रिक के कहने पर चाचा का खौफनाक गुनाह
राजस्थान के अलवर में ६ साल का लोकेश खेलते हुए गायब हो गया। बाद में उसकी लाश खंडहर में मिली, जिसका गला कटा हुआ था। यह नरबलि थी। पुलिस ने लोकेश के चाचा मनोज कुमार को पकड़ा। मनोज ने रोते हुए बताया कि रूठी हुई पत्नी को वापस लाने के लिए तांत्रिक सुनील कुमार ने उससे १२,००० रुपए और बच्चे का खून और कलेजा मांगा था। इसी लालच में उसने टॉफी का बहाना बनाकर लोकेश को मारा।
अपनों ने ही दी बच्चों की बलि
उत्तर प्रदेश के देवरिया में भी ९ साल के आरुष को अगवा कर मार डाला गया। यह गुनाह आरुष के फूफा इंद्रजीत ने किया। इंद्रजीत के मामा ने उसे बताया कि उस पर देवी का साया है और उसे शांत करने के लिए नरबलि देनी पड़ेगी। परिवार के सदस्य इंद्रजीत ने ५०,००० रुपए में अपने साढ़ू के साथ मिलकर मासूम आरुष की बलि का सौदा कर डाला। देवरिया में ही एक और घटना सामने आई, जहां अनुष्का नाम की बच्ची की लाश मिली। उसके पिता के मामा और मामी ने यह घिनौना काम किया। उन्होंने माना कि अपने बीमार बेटे को ठीक करने के लिए सपने में देवी मां ने नाबालिग बच्ची की बलि देने को कहा था।
क्यों लोग अंधविश्वास के जाल में फंसते हैं?
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन गुनाहों के पीछे मानसिक परेशानी और अंधविश्वास है। लोग जब नौकरी या रिश्तों जैसी मुश्किलों में होते हैं, तो ढोंगी तांत्रिक उन्हें डराते हैं कि यह सब जादू टोना है। जब लोग उनके जाल में फंस जाते हैं, तब ये शातिर लोग उन्हें नरबलि जैसे गुनाह के लिए भड़काते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि चमत्कारी होने का दावा करने वाले लोग या तो चालाक अपराधी होते हैं या नशेड़ी, जो अपनी जरूरतों के लिए दूसरों की भावनाओं से खेलते हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस अंधविश्वास ने पढ़े-लिखे लोगों को भी नहीं छोड़ा है। केरल में एक डाक्टर दंपति ने भी पैसों की बारिश के लालच में २ औरतों की बलि दी थी।

अन्य समाचार