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न्यूज स्कैन : जासूसी एजेंसी की रिपोर्ट: सोशल मीडिया के चलते बढ़े अवैध संबंध

खुशबू सिंह

मुंबई की जानी मानी निजी जासूस प्रिया काकड़े ने हाल ही में एक प्रेस कांप्रâेंस में जो बताया, वो सीधे दिल को छूता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल ऐप्स की वजह से न जाने कितने खुशहाल परिवार टूटने के कगार पर आ गए हैं। प्रिया ने बहुत ही दुख भरे लहजे में बताया कि उनकी टीम ने ऐसे कई केस में पक्के सबूत जमा किए हैं, जिनसे मजबूर लोगों को कोर्ट में इंसाफ मिल सका है। ये सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि रिश्तों की टूटती डोर की कहानी है।
जिंदगी की भागदौड़ में
अकेलापन और धोखे का रास्ता
प्रिया काकड़े के अनुसार, आज हर किसी के हाथ में एक स्मार्टफोन है, लेकिन इसी हाथ से रिश्ते फिसल रहे हैं। काम का प्रेशर और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक आसान पहुंच ने लोगों को अपनों से दूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि अधिकतर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स या ऑनलाइन बातचीत से ही शुरू होते हैं और धीरे-धीरे शादी के रिश्ते को अंदर से खोखला कर देते हैं। प्रिया का दर्द साफ झलकता है जब वो कहती हैं कि लोग अपनी आजादी का गलत फायदा उठा रहे हैं। हर कोई एक शानदार जिंदगी, महंगे सामान और खूब घूमना चाहता है। यही दिखावे की चाहत उन्हें गलत रास्ते पर धकेल रही है, जिसका अंजाम सिर्फ आंसू होते हैं।
जब अपनों पर भरोसा टूटता है, तब काम आते हैं ये सबूत
प्रिया काकड़े ‘स्विफ्ट डिटेक्टिव्स एंड इन्वेस्टिगेशंस’ की डायरेक्टर हैं और उनकी टीम ने अब तक १,०९८ से ज्यादा केस हल किए हैं। इनमें से ८० प्रतिशत केस शादी के बाहर के रिश्तों के थे। प्रिया बताती हैं कि जब किसी का भरोसा टूटता है, तो कोर्ट को सबसे ज्यादा चाहिए होते हैं असली और भरोसेमंद सबूत। इसीलिए उनकी टीम पूरी मेहनत से डिजिटल प्रूफ, फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड तैयार करती है। उन्होंने बताया कि इन सबूतों में समय और तारीख जैसी हर छोटी जानकारी होती है, ताकि कोर्ट में किसी भी बेकसूर को न्याय मिल सके और किसी का हक न मारा जाए।
सबसे ज्यादा चोट किसे लगती है, जासूस प्रिया काकड़े ने बताया
प्रिया ने बताया कि आज के व्यस्त जीवन और डिजिटल लत के कारण पति और पत्नी दोनों ही एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते। परिवारों में बातचीत लगभग खत्म हो गई है, जिससे रिश्तों की नींव हिल गई है। उनके अनुसार, अधिकतर मामलों में पति या पत्नी सिर्फ मजे की तलाश या पैसों की अच्छी हालत पाने की उम्मीद में गलत कदम उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास पैसा नहीं होता, वे अमीर लोगों के साथ रिश्ता बनाकर जिंदगी बदलने का सपना देखते हैं। लेकिन इस सब का सबसे बुरा असर उन मासूम बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ रहा है, जो टूटते हुए रिश्तों को देख रहे हैं। ये सिर्फ केस नहीं है, ये टूटे हुए घरों और दिल का दर्द है जिसे उनकी टीम हर दिन देखती है।

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