खुशबू सिंह
इसी साल अप्रैल के महीने की बात है, जब कर्नाटक के रिटायर्ड डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या ने बंगलुरु को झकझोर कर रख दिया था। इस सनसनीखेज मामले में उनकी पत्नी पल्लवी को हिरासत में लिया गया, जबकि बेटी कृति भी जांच के दायरे में है। संपत्ति विवाद को इस हत्या की वजह माना गया, जिसने एक परिवार की दु:खद कहानी को उजागर किया।
जब मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की शाम ४:३० बजे एचएसआर लेआउट में ओम प्रकाश के घर से पुलिस को आपातकालीन कॉल मिली। पुलिस पहुंची तो घर का दरवाजा बंद था। मौके पर मौजूद पल्लवी और कृति ने पहले दरवाजा नहीं खोला। बाद में इंस्पेक्टर और जोनल डीसीपी सारा फातिमा की मौजूदगी में दरवाजा खुला। अंदर का मंजर देखकर सब स्तब्ध रह गए। पूर्व डीजीपी खून से लथपथ पड़े थे। क्राइम सीन से एक चाकू बरामद हुआ, जिससे कथित तौर पर हमला किया गया था।
पति-पत्नी के बीच अक्सर होते थे झगड़े
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ओम प्रकाश और पल्लवी के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से तनाव था। ओम प्रकाश अपनी सारी संपत्ति बेटे के नाम करना चाहते थे, लेकिन पल्लवी इसका विरोध कर रही थी। सूत्रों का कहना है कि पल्लवी ने एक व्हॉट्सऐप ग्रुप में बताया था कि पति उन्हें और उनकी बेटी को गन दिखाकर धमकाते थे। दूसरी ओर, ओम प्रकाश ने अपने आईपीएस दोस्तों से पल्लवी के व्यवहार को लेकर परेशानी जाहिर की थी। बेटे की शिकायत में कहा गया कि माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इस आधार पर पल्लवी और कृति को एफआईआर में आरोपी बनाया गया।
ये घटना न सिर्फ एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि संपत्ति के लालच और रिश्तों की नाजुकता को भी दर्शाती है। ओम प्रकाश, जिन्होंने सालों तक कानून की रक्षा की, उनके जीवन का अंत इतना दुखद होगा, ये कोई नहीं सोच सकता था। क्या संपत्ति का विवाद हत्या तक ले जा सकता है? ये सवाल हर किसी के मन में है।
