-शांति-पाठ कर हताहतों को श्रद्धांजलि, लापता लोगों की सकुशल वापसी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
राजेश सरकार / प्रयागराज
नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि ने भारत समेत पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। हृदयविदारक त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अरैल स्थित श्री फलाहारी आश्रम में शांति-पाठ का आयोजन किया गया। आश्रम में गमगीन माहौल के बीच वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक ‘ॐ’ जप के जरिए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
महंत राम रतन दास की उपस्थिति में आयोजित शांति-पाठ में श्रद्धालुओं ने नेपाल त्रासदी में हताहत हुए लोगों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान लापता लोगों की सकुशल वापसी और आपदा में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की गई।
महंत राम रतन दास ने कहा कि नेपाल की त्रासदी की पीड़ा केवल वहां के लोगों की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की पीड़ा है। संकट की इस घड़ी में हर संवेदनशील हृदय नेपाल के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रार्थना के माध्यम से मृतकों के परिजनों को संबल और पीड़ितों को शक्ति मिलने की कामना की गई।
शांति-पाठ में राजा रामदास, लवकुश दास, जगदीश दास, रामभद्र दास, भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह सहित अनेक वैदिक ब्राह्मण सामूहिक रूप से शामिल हुए। आश्रम परिसर में गूंजता ‘ॐ’ जप कुछ देर के लिए त्रासदी की पीड़ा को मानवीय संवेदना और प्रार्थना के स्वर में बदलता नजर आया।
