सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में नपा चुनावों के बाद अब मनपा चुनावों में भी निर्विरोध जीत का चलन बढ़ा है। महायुति की करीब ७० सीटें निर्विरोध चुनी गई हैं। इन चुनावों के बाद विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मनसे के नेता अविनाश जाधव ने एक पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी। ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में निर्विरोध चुनाव धमकियों और पैसों के लालच के जरिए कराए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने इस संबंध में वकील असीम सरोदे के जरिए कोर्ट में कुछ सबूत पेश किए। सरोदे ने यह भी बताया कि मनपा चुनावों में निर्विरोध चुनी गई सीटों को लेकर मुंबई हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है।
असीम सरोदे ने कहा कि मनसे नेता अविनाश जाधव का उन्हें फोन आया था। उन्होंने बताया कि हमारे नेता ने मनपाओं में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों पर नाराजगी जताई है। सरोदे के अनुसार, इस मामले में न्यायालय के माध्यम से न्याय मिलना चाहिए। राज्य में ७० सीटें निर्विरोध चुनी गई हैं, जिनमें ५० सीटें भाजपा और २० सीटें शिंदे गुट की हैं और कुछ अन्य दलों की भी हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को नए साल में राजनीतिक भ्रष्टाचार का उपहार मिला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अब इन सीटों की जांच शुरू करने की बात तो की है, लेकिन अविनाश जाधव का आरोप है कि चुनाव आयोग पक्षपाती है और सत्ताधारी दल की भाषा बोल रहा है। उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महाराष्ट्र में नगरसेवकों की खुली खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है और क्या भ्रष्ट तरीकों से ये चुनाव कराए जा रहे हैं?
स्थानीय शब्द हटाया
स्थानीय स्तर पर स्थानीय नेताओं को स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ना चाहिए, लेकिन स्थानीय शब्द ही इन चुनावों से हटा दिया गया है। सोलापुर में मनसे नेता बालासाहेब सरवदे की भी उम्मीदवारी वापस लेने को लेकर हत्या हुई है। सरोदे ने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बंगले पर पुलिस के साथ जाते हुए एक उम्मीदवार का वीडियो वायरल हुआ है। ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, लेकिन उनके सबूत सुरक्षित नहीं रखे जाते। इसलिए यह मामला चुनाव आयोग के दायरे में सीमित न रखकर कोर्ट में ले जाया गया है।
