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आउट ऑफ पवेलियन : पिद्दी की दादागीरी

अमिताभ श्रीवास्तव

यह पिद्दी की दादागीरी है, जिसके सिर पर शैतान का हाथ है। अब देखिए न बांग्लादेश जैसा कंगाल देश भारत पर आंख उठाने की जुर्रत करने लगा है, वह भी बदमाश पाकिस्तान के वरदहस्त से। ऐसा ही लगता है क्योंकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दिया। केकेआर ने पिछले महीने हुई इंडियन प्रीमियर लीग की मिनी नीलामी में मुस्ताफिजुर रहमान को ९.२० करोड़ रुपए में खरीदा था। इस पैâसले के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंधों में तनाव और गहरा गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से अपने टी२० वर्ल्ड कप मुकाबलों को भारत से हटाकर श्रीलंका में आयोजित कराने की मांग करेगा। इसके लिए बीसीबी ने आईसीसी को पत्र लिखने का पैâसला किया है। मजा देखो जिस देश में अल्पसंख्यकों को जान से मार डाला जा रहा हो, ऐसे नर कातिल देश का बीसीबी भारत, खासकर कोलकाता में अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहा है। बांग्लादेश को फरवरी-मार्च में होने वाले आईसीसी मेन्स टी२० वर्ल्ड कप में अपने पहले तीन मुकाबले कोलकाता में खेलने हैं। अपने पैर पर कुल्हाड़ी चला रहा बीसीबी नहीं जानता कि यह दादागिरी उसे महंगी पड़ जाएगी।
इंसानियत के खून की प्यासी परंपरा
ऐसी भी क्या परंपरा जो इंसानियत के खून की प्यासी हो। अब देखिए न ओडिशा के एक गांव से सामने आई इस एक घटना ने सवाल खड़े किए हैं कि क्या आज भी प्यार करना गुनाह है? क्या शादी का पैâसला लेने पर इंसान को जानवरों जैसा सलूक झेलना पड़ेगा? ओडिशा के रायगढ़ जिले के कांजामजोड़ी गांव में रहने वाले लाका सारका (२८) और कोदिया सारका (३१) एक-दूसरे से प्यार करते थे। दोनों रिश्ते में बुआ के बेटे-बहू लगते हैं और एक ही गोत्र के होने के कारण आदिवासी समाज की परंपराओं में उनका विवाह वर्जित माना जाता है। इसी डर से दोनों ने गांव छोड़कर बाहर जाकर शादी कर ली। कुछ दिन बाद जब वे गांव लौटे, तो उनका सामना प्यार नहीं बल्कि गुस्से और नफरत से हुआ। गांववालों को उनका यह पैâसला मंजूर नहीं था। गांव लौटने के बाद मामला पंचायत तक पहुंचा। पंचायत में बुजुर्गों ने दोनों को परंपरा तोड़ने का दोषी ठहराया और अमानवीय सजा सुना दी। ग्रामीणों ने बांस से बना हल तैयार किया और लाका व कोदिया को बैलों की तरह उसमें जोत दिया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों के कंधों पर हल का जुआ रखा गया है और उनसे खेत में जबरन जुताई कराई जा रही है। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई। आसपास खड़े गांव के लोग इस क्रूर सजा को चुपचाप देखते रहे। हल चलवाने के बाद दोनों को गांव के मंदिर ले जाया गया, जहां उनके रिश्ते को ‘अपवित्र’ बताया गया। कथित तौर पर उन्हें ‘पवित्र’ करने की रस्में कराई गर्इं और अलग होने का दबाव बनाया गया। जब दोनों ने साथ रहने का पैâसला दोहराया, तो फिर से उनकी पिटाई की गई और अंत में गांव से हमेशा के लिए निकाल दिया गया।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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