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पहलगाम…फरीदाबाद…लखनऊ… डॉक्टरों का `टेरर टॉनिक!’

-सफेद कोट वालों के काले कारनामे देख स्तब्ध हुआ देश

हाईलाइट्स

-डॉक्टर्स की गिरफ्तारी के अलावा भी पुलिस ने कई और गिरफ्तारियां की हैं, जो पेशे से डॉक्टर हैं या फिर शिक्षक। कुछ मौलवियों को भी गिरफ्तार किया गया। ऐसे में देखा जाए तो जितने भी अब तक पकड़े गए हैं वह डॉक्टर और शिक्षक हैं, जो यह साबित करता है कि आतंक ने अब प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।
– आतंक अब शिक्षा का इस्तेमाल सफेद कोट की आड़ में काले कारनामों के लिए कर रहा है। यह सोचने वाली बात है कि पहले कम पढ़े लिखे या अशिक्षित लोगों का ब्रेनवाश कर आतंकी आका आतंकवाद के रास्ते में ढकेलते थे। लेकिन अब तो एक प्रतिष्ठित वर्ग भी इसमें लिप्त होता नजर आ रहा है। आतंक के इस बदलते चेहरे से सिर्फ भारतीय जांच एजेंसियों को ही नहीं बल्कि अन्य देशों को भी सतर्क होने की जरूरत है।
दि ल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्विंâग के पास हुए बम धमाके के कई बड़े किरदार सामने आए हैं। इसमें कट्टरपंथी डॉक्टरों का पूरा नेटवर्क सामने आया है, जो आतंक की राह पर चल पड़ा था और उसके खतरनाक मंसूबे दिल्ली और अन्य शहरों को दहलाने के थे। दिल्ली आतंकी हमले में डॉक्टर्स का नेटवर्क सामने आ रहा है जो बेहद खतरनाक है। इसमें सहारनपुर से गिरफ्तार अनंतनाग का डॉक्टर आदिल अहमद, फरीदाबाद में बारूद का जखीरा इकट्ठा करने वाला मुजम्मिल शकील और तीसरा डॉक्टर उमर मोहम्मद भी शामिल था। उमर मोहम्मद ही वो संदिग्ध हमलावर बताया जा रहा है, जिसने कार में बम धमाका कर इस आतंकी घटना को अंजाम दिया था। लाल किले ब्लास्ट ने पूरे देश को दहला दिया है। राजधानी दिल्ली में इससे पहले इतना बड़ा हमला १४ साल पहले २०११ में दिल्ली हाई कोर्ट पर हुआ था। अब तक आतंकी उन लोगों का इस्तेमाल करते हैं जो कम पढ़े लिखे होते थे। लेकिन अब ऐसा लगता है कि आतंक ने नया रूप ले लिया है। अब आतंक प्रतिष्ठित शिक्षित वर्ग में अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है। शिक्षा का उपयोग सफेद कोट में काले कारनामों के लिए किया जा रहा है। एक के बाद एक जुड़ती जा रही डॉक्टर्स की कड़ी लाल किले धमाके से ठीक पहले सोमवार सुबह ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में दो अलग-अलग घरों से करीब २,९०० किलो आईईडी बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था।

– डॉक्टर आदिल अहमद- इस धमाके से पहले अनंतनाग में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉक्टर आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया। अहमद राठर अनंतनाग जीएमसी मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर के पद पर काम करता था। उसके लॉकर से पुलिस को एके-४७ जैसी खतरनाक राइफल मिली।
– डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन- सात नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया, जो हैदराबाद का रहने वाला है और इसने चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है। जांच में पता चला कि डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन ‘रिसिन’ नाम के बेहद खतरनाक जहर की तैयारी कर रहा था। इसके जरिए बड़े पैमाने पर हत्या की साजिश रच रहा था। रिसिन नामक जहर अरंडी के बीजों से बनता है।
– डॉक्टर मुजम्मिल- पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान १० नवंबर यानी सबसे अहम और चौथी गिरफ्तारी फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल शकील की थी, जो कश्मीर का डॉक्टर था। वह भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ता था। उसके पास से ३६० किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो बम बनाने में इस्तेमाल होता है।
– डॉक्टर उमर मोहम्मद- दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके में डॉक्टर उमर मोहम्मद का नाम सामने आ रहा है, जो पुलवामा का रहने वाला है और उसी के नाम पर आई-२० कार थी। जांच एजेंसियां यह पता करने में जुटी हुई हैं कि धमाके के दौरान कार में डॉक्टर उमर मोहम्मद ही मौजूद था या फिर कोई अन्य आतंकी।

`दोषियों को छोड़ेंगे नहीं!’..पीएम की साफ-साफ चेतावनी
`कल शाम दिल्ली में जो भयानक घटना हुई, उससे सभी बहुत दुखी हैं। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मैं कल रात भर इस घटना की जांच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में था। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी। इसके पीछे जो भी साजिश करने वाले हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन सभी को सजा मिलेगी।’
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

`सभी एंगल से जांच कर रहे हैं’
`हम सभी पहलुओं को खुला रख रहे हैं और सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। यह कहना बहुत मुश्किल है कि घटना का कारण क्या था। जब तक विस्फोट स्थल से बरामद नमूनों का एफएसएल और एनएसजी द्वारा विश्लेषण नहीं किया जाता, तब तक इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। हालांकि, हम किसी भी एंगल को बंद नहीं मानते हैं। हम दृढ़ता के साथ सभी एंगल की जांच करेंगे।’
-अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

`अत्यंत दुखद है’
`दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार विस्फोट की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। इस दुखद हादसे में कई निर्दोष लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। इस दुख की घड़ी में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा हूं और उनको अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’

`हमारी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ हैं’
`हमारी संवेदनाएं नई दिल्ली में हुए भयानक विस्फोट से प्रभावित लोगों के साथ हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रखना जारी रखे हुए हैं। उन परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।’

`जो देखा, दिल दहल गया’
भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अजार ने दिल्ली में हुए कार धमाके पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, `यह घटना दिल तोड़ने वाली है। दिल्ली की सड़क पर हमने जो देखा, वह दिल दहलाने वाला था। हम उम्मीद करते हैं कि घायल हुए लोग जल्दी ही रिकवर होंगे।’

`भयानक खबर’
`दिल्ली विस्फोट में अपने करीबियों को खोने वाले सभी शोक में डूबे परिवारों के लिए मेरी संवेदनाएं। भयानक खबर।’

`सतर्क रहें!’
`दिल्ली में हुए इस धमाके के सभी पीड़ितों और प्रभावित लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं उनके परिवारों के लिए अपना प्यार और प्रार्थनाएं भेज रहा हूं। कृपया इस समय सुरक्षित और सतर्क रहें।’

`स्तब्ध और दुखी हूं’
`दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम विस्फोट की खबर से मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूं। कई लोगों की जान चली गई है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’

-दिल्ली धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का कनेक्शन
-भारत में महिला आतंक…ब्रिगेड खड़ा करने का प्लान!
-आतंकी मसूद अजहर की बहन के संपर्क में थी डॉ. शाहीन
दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया। जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की प्रमुख डॉ. शाहीन को गिरफ्तार किया गया है। डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की बहन सहीदा अजहर के संपर्क में थी। जांच में पता चला है कि शाहीन को भारत में महिला आतंकी ब्रिगेड तैयार करने का काम सौंपा गया था। डॉ. शाहीन जमात-उल-मोमिनात नामक जैश के महिला संगठन से भी जुड़ी हुई थी। उसे सोमवार शाम हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। शाहीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली है और अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में कार्यरत थी। इस बीचजांच एजेंसियां शाहीन के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में हैं।

टेलीग्राम पर `टेरर’ चैट!
दुनियाभर के असंख्य यूजर्स के लिए टेलीग्राम एक सामान्य सुरक्षित सोशल मीडिया या चैट ऐप जैसा प्रतीत होता है। लेकिन यह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म, जो खुद को गोपनीयता-केंद्रित और मजबूत मैसेजिंग सेवा के रूप में पेश करता है, धीरे-धीरे आतंकवाद, आपराधिक योजनाओं और अफवाहों का केंद्र बनता जा रहा है। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के आसपास १० नवंबर को हुए कार बम धमाके ने पूरे देश को सन्न कर दिया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गर्इं और जांच तेज कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि विस्फोट में आत्मघाती हमलावर के रूप में शक के घेरे में आए डॉक्टर उमर मोहम्मद एक कट्टरपंथी डॉक्टरों के गुप्त नेटवर्क का हिस्सा था। वह अपनी गतिविधियों को लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के माध्यम से संचालित करता था। एक रिपोर्ट की मानें तो उमर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि टेलीग्राम पर `रेडिकल डॉक्टर ग्रुप’ नाम से एक चैनल बनाया गया था, जिसमें चैटिंग होती थी।

जैकेट से पहचाना गया जुम्मन…टुकड़े-टुकड़े में मिली बीवी को बॉडी!
दिल्ली में ब्लास्ट के बाद मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल के बाहर का मंजर दिल को झकझोर कर रख देनेवाला नजर आया। अपनों को खोने वालों की चीत्कार कलेजा चीर देने वाली थी। अपनों की लाशें देखकर परिजनों का कलेजा फट गया। किसी ने शायद ही सोचा था कि सुबह घर से निकला शख्स रात को सही सलामत नहीं आ पाएगा। ऐसा ही एक शख्स था जुम्मन, जो लाल किले पर ई रिक्शा चलाता था। उसकी डेडबॉडी क्षत-विक्षत थी, इसलिए जुम्मन की पत्नी उसे पहचान नहीं पा रही थीं, फिर नीले रंग की जैकेट से बॉडी को पहचाना गया। परिवार ने बताया, बॉडी में निचला हिस्सा और सिर नहीं है। ३२ साल के जुम्मन के चाचा इदरीस का कहना है, `मेरा भतीजा रिक्शा चलाता था।’ फोटो दिखाते हुए इदरीस ने बताया कि शाम पांच बजे लाल किले के लिए घर से निकला था। वहीं पर रिक्शा चलाता है। मोबाइल की लोकेशन रात ९.३० बजे तक लाल किला गेट नंबर एक थी, लेकिन उसके बाद से कुछ पता नहीं। पुलिस ने कहा, मॉर्चरी में देखो जाकर।

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