सामना संवाददाता / मुंबई
पुणे के मुंढवा भूमि घोटाले के मामले में दिक्कतों में फंसे पार्थ पवार की कंपनी ‘अमेडिया’ ने स्टांप ड्यूटी का पैसा देने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। हालांकि, महायुति के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहानियां बंद करते हुए यह शुल्क भरने का फरमान दिया है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस मामले में गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि कंपनी और उसके हिस्सेदारों को दुलारना बंद करके सीधे दीवानी व फौजदारी मामला दर्ज किया जाए।
बता दें कि पार्थ पवार की कंपनी पर १,८०० करोड़ रुपयों की भूमि सिर्फ ३०० करोड़ रुपए में खरीदने का आरोप है। इस मामले में केवल ५०० रुपए का स्टांप ड्यूटी भरा गया है। कंपनी ने कोर्ट में कहा कि इस सरकारी भूखंड को लेकर उद्योग विभाग को दिया गया इरादा पत्र पूरी तरह से वैध था। उसी आधार पर स्टांप ड्यूटी में सहूलियत मिली थी। इस पर राजस्व मंत्री ने कहा कि कंपनी कितनी भी कहानियां गढ़े, पर उसमें कोई भी तथ्य नहीं है। इस तरह की कोई भी सहूलियत नहीं दी जाती। स्टांप ड्यूटी माफी का प्रमाणपत्र उद्योग विभाग ने दिया ही नहीं है इसलिए नियमानुसार उन्हें शुल्क भरना पड़ेगा।
दमानिया ने दिया दम
इस मामले में अंजलि दमानिया ने कहा कि दो महीने की अवधि के बावजूद कंपनी ने २१ लाख रुपए स्टांप ड्यूटी भरने से इनकार किया है। अब तो उस पर तत्काल दीवानी और फौजदारी मामला दर्ज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कंपनी और उसके हिस्सेदारों से करीब १० गुना जुर्माना वसूल किया जाता है। जुर्माना न भरने की स्थिति में कलेक्टर कंपनी अथवा निजी संपत्ति जब्त भी कर सकती है।
