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नियम ताक पर :  मंत्री जी के ‘पुनर्जन्म’ के जश्न में जनता हलाकान…दिनभर लगा रहा जाम का झाम

-योगी सरकार के ‘नो रोड ब्लॉकेज’ आदेश को अपनों ने ही दिखाया ठेंगा

-कोठा पारचा से चंद्रलोक तक रेंगती रही जिंदगी…वीवीआईपी की मौजूदगी में पुलिस बनी रही मूकदर्शक

राजेश सरकार / प्रयागराज

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ सड़कों पर नमाज, धार्मिक जुलूसों या किसी भी आयोजन से आम जनता को होने वाली परेशानी पर सख्त प्रतिबंध लगाती है। मुख्यमंत्री का साफ आदेश है कि राह रोककर कोई आयोजन नहीं होगा। लेकिन रविवार को प्रयागराज में इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ती दिखीं। मौका था प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के ‘पुनरप्राप्ति जन्मोत्सव’ का, जो आम शहरियों के लिए ‘जी का जंजाल’ बन गया। मंत्री जी के इस खास दिन के जश्न के लिए पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया गया।
हर तरफ डायवर्जन, पुराने शहर में थमी जिंदगी
वीआईपी संस्कृति का ऐसा नजारा दिखा कि कोठापारचा, रामबाग, चंद्रलोक चौराहा समेत पुराने शहर को जोड़ने वाले तमाम रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। छुट्टी के दिन जहां लोग राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं भीषण जाम के झाम में फंसे लोग गर्मी और बदइंतजामी को कोसते नजर आए। एंबुलेंस से लेकर जरूरी काम से निकले लोग घंटों रेंगते रहे।
अधिकारी नतमस्तक, नियम सिर्फ आम जनता के लिए?
हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे हुड़दंग और अव्यवस्था के बीच शासन-प्रशासन पूरी तरह नतमस्तक दिखा। कार्यक्रम में मंत्री और जिले के आला अधिकारी मौजूद थे, जिनकी मौजूदगी में नियम-कानूनों को मटियामेट किया जा रहा था। जनता अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक यही सवाल पूछ रही है कि क्या सड़कों पर पाबंदी के नियम सिर्फ आम जनता और विपक्ष के लिए हैं? सत्ता के रसूखदारों के ‘पुनर्जन्म’ के आगे क्या सरकार के आदेश बौने हो जाते हैं?
 साल 2010 में हुआ था आरडीएक्स हमला
इस हुए जानलेवा हमले में मौत को मात देकर नया जीवन प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने रविवार को अपना 16वां पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव मनाया। मंत्री नन्दी ने बहादुरगंज स्थित प्राचीन मनोकामनापूर्ति शिव मंदिर में प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी एवं परिवार के सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के साथ भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक पूजन कर कृतज्ञता जताई। लोक कल्याण की भी कामना की। पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने भी नतमस्तक होकर मंत्री नन्दी के पुनर्जीवन के लिए कृतज्ञता अर्पित की।
इस दौरान आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। उद्यमियों, व्यापारियों एवं विशिष्ट अतिथियों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। मंत्री नन्दी का पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव प्रयागराज के साथ प्रदेश भर में व्यापारियों ने मनाया। इस दिवस को साहस दिवस का नाम दिया। सोलह वर्ष पूर्व यानी 12 जुलाई 2010 का दिन था। वर्तमान में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर शहर के बहादुरगंज में रिमोट कंट्रोल आरडीएक्स बम से हमला हुआ था। जिसमें एक सुरक्षा कर्मी और एक पत्रकार को मौत हो गई थी। वहीं मंत्री नन्दी बम ब्लास्ट में गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। हजारों समर्थकों और चाहने वालों के स्नेह और आशीर्वाद के बल पर लगातार चार महीने इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए थे। तब से लेकर अब तक प्रत्येक वर्ष मंत्री नन्दी 12 जुलाई को अपना ‘पुनर्प्राप्त जन्मदिवस’ मनाते हैं।
180 बटुकों ने किया मंत्रोच्चारण
मंत्री नन्दी के पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव समारोह में रुद्राभिषेक पूजन में श्री दुर्गा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंझनपुर कौशांबी के 180 बटुक भी सम्मिलित हुए। जिन्होंने स्वस्तिवाचन के साथ ही मंत्रोच्चारण किया। मंत्री नन्दी पूजन के लिए बहादुरगंज स्थित अपने आवास से मंदिर के लिए सर पर कलश रखकर निकले। इस दौरान बटुक विद्यार्थी मंत्रोच्चारण करते रहे।
प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने बटुकों का अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद लिया।
30 नवजात बच्चियों को वितरित किए बेबी किट
कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव के अवसर पर स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज में जन्मी 30 नवजात बेटियों को बेबी किट वितरित किया गया। वहीं उनकी माताओं को नन्दी प्रोडक्ट के सामान दिए गए। इस अवसर पर 30 से अधिक नवजात बेटियों एवं उनके परिवारों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. नीलम सिंह (एसआईएस एसआरएन हॉस्पिटल), स्मिता अग्रवाल, गौरव वीरेंद्र अग्रवाल, डॉ. घुलाम जी (एसआरएन), डॉ. टंडन, अवंतिका टंडन (जिला महिला व्यापार मंडल) तथा पल्लवी अरोड़ा मौजूद रहीं।
इस आयोजन का सफल समन्वय एवं संचालन गौरव वीरेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक नवजात बेटी के जन्म को सम्मान, स्नेह और उत्सव के रूप में मनाना है, ताकि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और समानता का संदेश और अधिक सशक्त हो सके।

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