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सात मैच, छह हार और एक बेनतीजा…श्रेयस की कप्तानी सवालों के घेरे में

-आयरलैंड ने इतिहास रचा, इंग्लैंड ने ४-० से रौंदा

-हार के बाद कप्तान ने खिलाड़ियों को ही पढ़ाया
‘प्रोफेशनल रवैये’ का पाठ

-श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत सात टी-२०

-मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सका

नई दिल्ली। भारतीय टी-२० टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनकी कप्तानी में भारत ने सात टी-२० अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले, लेकिन एक भी मैच नहीं जीत पाया। छह मुकाबलों में हार मिली, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। पहले आयरलैंड ने भारत को दोनों मुकाबलों में हराकर ऐतिहासिक २-० की सीरीज जीत दर्ज की। इसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज ४-० से अपने नाम कर ली। अंतिम टी–२० में इंग्लैंड ने जोस बटलर के १३१ और हैरी ब्रुक के नाबाद ९५ रन की मदद से २५७ रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम २०१ रन ही बना सकी और ५६ रन से हार गई। हार के बाद अय्यर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों के प्रति अधिक सजग रहने, जल्द तालमेल बैठाने और पेशेवर रवैया अपनाने की जरूरत है। उन्होंने इंग्लैंड को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण-तीनों विभागों में बेहतर टीम माना। लेकिन कप्तान का यह बयान अब सवालों के घेरे में है। आलोचकों का कहना है कि टीम चयन, बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी बदलाव और युवा खिलाड़ियों के इस्तेमाल की जिम्मेदारी कप्तान तथा टीम प्रबंधन की भी है। लगातार सात मैचों में जीत से दूर रहने के बाद केवल खिलाड़ियों को परिस्थितियों में ढलने की नसीहत देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। श्रेयस अब उन कप्तानों की अनचाही सूची में शामिल हो गए हैं, जो अपने शुरुआती सात टी-२० अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में एक भी जीत हासिल नहीं कर सके।

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