द्रुप्ति झा / मुंबई
शहर में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ हो रही यौन शोषण की घटनाएं समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं। अभी तीन हफ्ते पहले कांदिवली में ५ साल की लड़की के यौन शोषण की खबर पैâलने के बाद लोगों का आक्रोश ठंडा भी नहीं हुआ था कि फिर से एक बार मुंबई के कलानगर से १४ साल की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न की खबर सामने आई है, जहां नाबालिग लड़की का एक योग शिक्षक ने यौन उत्पीड़न किया। इस घटना से फिर एक बार मुंबईकरों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि महिला सशक्तिकरण की बात करनेवाली महायुति सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
बता दें कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बार-बार सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में राज्य में हुई कई घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है, उसके बावजूद महायुति सरकार सोई हुई नजर आ रही है।
गौरतलब हो कि कालाचौकी पुलिस ने ३० दिसंबर को एक ३६ वर्षीय योग टीचर को १४ वर्षीया लड़की पर सेक्शुअल असॉल्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में कोर्ट ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
यह है मामला
१४ वर्षीया लड़की आरोपी के पास योग ट्रेनिंग के लिए जाती थी। २६ दिसंबर को जब वह योग सीखने गई तब आरोपी ने उसके साथ गंदी हरकतें कीं। इतना ही नहीं, उसने उसे इस बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी। हालांकि, घर लौटने के बाद उसने अपने पिता को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मां-बाप ने कालाचौकी पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद पुलिस ने बुधवार, ३० दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से गुस्साए लोगों ने सरकार से सख्त कार्रवाई की अपील की है।
बच्चियों के शोषण की हालिया घटनाएं
तीन दिन पहले कल्याण में १५ वर्षीय एक छात्रा को इंस्टाग्राम पर लड़की बनकर दोस्ती करने वाले चार युवकों ने किडनैप कर लिया और २० लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने २४ घंटे के भीतर लड़की को छुड़ा लिया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दिसंबर २०२५ के अंत में, दक्षिण मुंबई के एक स्कूल ने पुलिस को सूचित किया कि उनकी १७ वर्षीया दिव्यांग छात्रा ने काउंसलिंग के दौरान अपने घर पर हुए शारीरिक शोषण का खुलासा किया है। इसी दौरान मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने कुर्ला बस स्टैंड के पास १४ वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक ३५ वर्षीय व्यक्ति को ३ साल की जेल की सजा सुनाई।
