सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना पार्टी और उसके चुनाव चिह्न `धनुष-बाण’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई नहीं हो सकी। दूसरे मामलों की सुनवाई में कोर्ट के काम का वक्त खत्म हो गया, जिसकी वजह से अदालत ने अब इस मामले को गुरुवार की तारीख दी है। करीब साढ़े तीन साल से अटका हुआ यह मुकदमा अब आखिरी दौर में पहुंच गया है, इसलिए इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
असल शिवसेना से गद्दारी करने वाले शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न देने के चुनाव आयोग के पैâसले के खिलाफ शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने याचिका दायर की है। इस याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने आखिरी सुनवाई चल रही है। पिछले महीने उद्धव ठाकरे की तरफ से सीनियर वकील कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत ने मजबूत दलीलें पेश की थीं, जिससे यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शिवसेना के मजबूत दावों के खिलाफ शिंदे गुट की तरफ से वकील नीरज किशन कौल अपनी बात रख रहे हैं। उनकी बहस के दौरान कोर्ट ने कई सवाल पूछे थे। इसके बाद लगातार दो दिन सुनवाई नहीं हो पाई। अब आज गुरुवार को अदालत में क्या होता है, इस पर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं।
