मुख्यपृष्ठनए समाचारउद्धव ठाकरे ने दागी तोप...ज्ञानेश कुमार को जेल भेजिए!

उद्धव ठाकरे ने दागी तोप…ज्ञानेश कुमार को जेल भेजिए!

सामना संवाददाता / मुंबई

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मनमाने कामकाज को उनके ही दो सहयोगी चुनाव आयुक्तों द्वारा सार्वजनिक किए जाने के बाद देशभर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी मुद्दे पर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को ‘मातोश्री’ निवास पर पत्रकार परिषद आयोजित कर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाकर जेल में डाल दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित जिन-जिन चुनावों में ज्ञानेश कुमार ने कथित घोटाले किए हैं, उन सभी चुनावों को रद्द कर दोबारा बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराया जाए।
महाराष्ट्र राज्य का चुनाव रद्द करो, दोबारा बैलेट पेपर से मतदान कराओ!
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यही ज्ञानेश कुमार कह रहे थे कि शिवसेनापक्षप्रमुख मनमानी कर रहे हैं। आज इन्हीं की मनमानी के खिलाफ दो चुनाव आयुक्तों ने वैâबिनेट सचिव यानी सीधे प्रधानमंत्री के पास शिकायत की है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार हिंदुस्थान जैसे लोकतांत्रिक देश को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए अब उनका इस्तीफा लेने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है। इस अवसर पर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे भी उपस्थित थे। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के सभी विपक्षी दल पिछले कई वर्षों से लगातार चुनाव आयोग, विशेष रूप से ज्ञानेश कुमार के मनमाने और विचित्र कामकाज को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब इसकी पुष्टि हुई है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के सभी गलत पैâसलों को रद्द किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र विधानसभा, पश्चिम बंगाल विधानसभा और तमिलनाडु विधानसभा, जिन-जिन चुनावों में इन ज्ञानेश कुमार ने अपनी मनमानी की और अपनी पसंद के मतदाताओं को सूची में रखा तथा जिन्हें नहीं चाहते थे, उन्हें सूची से हटा दिया, उन सभी चुनावों को रद्द करके तीनों राज्यों में दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए।
शिवसेनापक्षप्रमुख ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो चुनाव आयुक्तों ने शिकायत की है और इसे ही असली विद्रोह कहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित जिन-जिन चुनावों में ज्ञानेश कुमार ने कथित घोटाले किए हैं, उन सभी चुनावों को रद्द कर दोबारा बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराया जाए। उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि अब चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार का बहुमत नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा समझने में कोई हर्ज नहीं कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से बाहर कर दिया है, क्योंकि अब इन दोनों के पास बहुमत है। उन्होंने कहा कि अब इन दोनों को ही आयोग का कामकाज चलाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साहस की सराहना की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका विकृत, भयावह और घृणित चेहरा दुनिया के सामने आ गया है।
ठाकरे ने यह आशंका भी जताई कि यदि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से नहीं हटाया गया तो वे सबूत नष्ट कर सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने उन्हें तत्काल पद से हटाकर जेल भेजने की मांग की।
लोकतंत्र की हत्या की जा रही है
पार्टी चोरी और लोकतंत्र की हत्या का तरीका इस समूह ने तय कर लिया है। इसका पहला प्रहार उन्होंने शिवसेना पर किया। उपचुनाव के लिए शिवसेना का नाम जमा कर दिया गया था। शिवसेना को दो अलग-अलग नामों से चुनाव लड़ने और दो अलग-अलग चुनाव चिह्नों के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद बिना किसी पहलू की जांच किए उन्होंने एकतरफा पैâसला सुनाया और शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न गद्दारों को दे दिया। यही तरीका उन्होंने शरद पवार की पार्टी के मामले में अपनाया और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी अपनाया जा रहा है। उपचुनाव के लिए ‘न तुम्हारा, न हमारा’ की नीति अपनाकर बाद में तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न भी उनके गद्दारों को सौंपने की परंपरा उन्होंने तय कर ली है। इसका सीधा अर्थ है कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, ऐसा जोरदार हमला उद्धव ठाकरे ने किया।

`हिंदुस्थान को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश माना जाता है। इसी देश में एक समूह पिछले कई वर्षों से उत्पात मचा रहा है। पार्टियां तोड़ना, पार्टियां चुराना और लोकतंत्र की हत्या करना, यही इस समूह का कामकाज है। और इस समूह का मुख्य सूत्रधार ज्ञानेश कुमार है।’

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