आरटीई की धज्जियां उ़ड़ाता रहा श्री हनुमंत विद्या मंदिर स्कूल
राधेश्याम सिंह / वसई
वसई के सातिवली इलाके में स्थित श्री हनुमंत विद्या मंदिर में ६वीं की एक छात्रा की मौत से शुरू हुआ विवाद अब गंभीर शिक्षा घोटाले का रूप ले चुका है। देर से आने पर छात्रों को ‘उठक-बैठक’ जैसी शारीरिक सजा देने वाली शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज होने के बाद जब शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि स्कूल जिस इमारत में चल रहा है, वह पूरी तरह अवैध निर्माण है। महानगरपालिका ने इस जगह पर पहले ही बोर्ड लगा रखा है कि इमारत को कोई अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद स्कूल वर्षों से संचालित होता रहा।
सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि स्कूल को केवल ८वीं तक पढ़ाने की मान्यता है, लेकिन प्रबंधन ने ९वीं और १०वीं के वर्ग भी अवैध रूप से शुरू कर रखे थे। लगभग ७०-८० छात्र इन अनधिकृत कक्षाओं में पढ़ रहे थे। घटना उस समय सामने आई जब एक शिक्षिका ने देर से पहुंचने पर बच्चों को उठक-बैठक की सजा दी। ६वीं की छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद वालीव पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में आरटीई कानून के कई उल्लंघन भी मिले हैं, जैसे न पर्याप्त सुविधाएं, न मानक स्टाफ, न सुरक्षा व्यवस्था। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है कि ९वीं और १०वीं की सभी कक्षाएं तुरंत बंद की जाएं। सभी छात्रों को निकट के मान्यता प्राप्त स्कूलों में समायोजित किया जाए। पूरी रिपोर्ट आठ दिनों में जमा की जाए।
‘उठक-बैठक’ से चली गई थी बच्ची की जान
उपशिक्षणाधिकारी माधव मते ने स्पष्ट कहा है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं की गई, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ फौजदारी अपराध दर्ज किया जाएगा। एक छात्रा की मौत और अवैध संचालन के खुलासे से इलाके में आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है ाfक बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला सिर्फ एक स्कूल की लापरवाही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
