-नोएडा में महिला टीचर ने दिया बीएलओ पद से इस्तीफा
-कोलकाता में चीफ इलेक्शन ऑफिसर दफ्तर के सामने प्रदर्शन
सामना संवाददाता / लखनऊ / कोलकाता
उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण यानी एसआईआर मुहिम से जुड़ी हैरान करने वाली खबरें आ रही हैं। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के बीच एक महिला सहायक अध्यापिका ने काम के दबाव के चलते बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पद से इस्तीफा दे दिया है वहीं पश्चिम बंगाल में एसआईआर में शामिल बीएलओ संगठन ने सोमवार को मार्च निकाला। कथित रूप से काम और एसआईआर के बढ़ते दबाव से तनाव में बीएलओ की हो रही मौत पर प्रदर्शन किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, अध्यापिका का नाम पिंकी सिंह है। वह सेक्टर ९४ स्थित गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि पिंकी सिंह थायराइड की समस्या से ग्रस्त हैं और घर में भी पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। जिसकी वजह से वो दोनों कामों के बोझ को संभाल नहीं पा रहीं थीं।
काम के दबाव की वजह से उठाया कदम
महिला अध्यापिका पिंकी सिंह ने वायरल हुए इस्तीफे पत्र में लिखा है कि मेरा बीएलओ का पार्ट नंबर २०६ है। मैंने २१५ मतदाताओं का ऑफलाइन डेटा फीड कर दिया है। मैं अब अपने जॉब से इस्तीफा दे रही हूं, क्योंकि अब मुझसे यह काम नहीं हो पाएगा।
अभूतपूर्व और अमानवीय दबाव में काम
बीएलओ संगठन ने कथित रूप से काम के अत्यधिक दबाव और एसआईआर के बढ़ते दबाव से तनाव में आए बीएलओ की हो रही मौतों पर प्रदर्शन किया। समिति ने आरोप लगाया कि एसआईआर की शुरुआत के बाद से पूरे राज्य में बूथ स्तरीय अधिकारी अभूतपूर्व और अमानवीय दबाव में काम कर रहे हैं।
एक-एक व्यक्ति के १०-१० बाप
वहीं पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर मुहिम के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला विवाद सामने आया है। बीएलओ एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कई लोग वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए ऐसे दस्तावेज़ जमा कर रहे हैं, जिनसे वे अंजान लोगों को अपना पिता या परिवार के सदस्य साबित कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस प्रक्रिया में एक ही व्यक्ति के नाम को १०-१० लोगों का पिता दिखाया जा रहा है।
