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योगी के मोदी से मिलने के बाद यूपी मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें बढ़ी!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के जन्मदिन पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में आधा घंटे तक मुलाकात की। उनकी भेंट के बाद यूपी मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें तेज हो गयी। दावा है कि इस बैठक में यूपी में होने वाले कैबिनेट विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। चूंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण राजनैतिक नियुक्तियां एक ही जिले से हो गयी है इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया जायेगा। जिससे सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की लगातार चेतावनी के बावजूद जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर निराश कार्यकर्ता एसआईआर से खुद को दूर रखा। अब बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। इसी वजह से इस मुद्दे पर मोदी ने योगी के साथ बैठक कर लंबी वार्ता की है। मोदी किसी कीमत पर नहीं चाहते कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों परिणाम जैसी स्थित से गुजरे। इसलिए यूपी का किला ढहने से पहले पुनः एसआईआर में भाजपा समर्थकों को बड़ी संख्या में जोड़ने की गतिविधि तेज करने की रणनीति बनी है। योगी आदित्यनाथ के वर्तमान मंत्रिमंडल में पहले 54 मंत्री हैं, अभी इसमें 6 और मंत्रियों को स्थान देने की क्षमता है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दो और मंत्रियों जितेंद्र प्रसाद और अनूप प्रधान को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिससे मंत्रिमंडल में कई पद फिर से खाली हो गए हैं। माना जा रहा है कि मुरादाबाद से प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सहारनपुर से मुकेश चौधरी, प्रयागराज से पूजा पाल, रामपुर से आकाश सक्सेना, फतेहपुर से कृष्णा पासवान, फर्रुखाबाद से मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को नये मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है और संगठन के कुछ चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है।

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