सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में सुल्तानपुर के सरकारी शिक्षक सोमवार को सड़क पर उतर आए। ज़िला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रतिभाग कर सरकार के फैसले पर अपना विरोध दर्ज कराया और इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।इसके पहले सभा में अटेवा जिलाध्यक्ष अशोक सिंह गौरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षकों के हितों के विपरीत है। क्योंकि वर्तमान शिक्षक उस समय लागू शासनादेशों के अनुसार नियुक्त हुए थे और उन्होंने सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में शिक्षकों के पक्ष को गंभीरता से लेना चाहिए।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है जब-जब सरकारों ने शिक्षकों की उपेक्षा की है, तब-तब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते नहीं चेती तो भविष्य में उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है,इसी क्रम में टीएससीटी के जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने टीईटी अनिवार्यता को एक सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि यह कदम बेसिक शिक्षा विभाग को निजीकरण की ओर ले जाने वाला है। वहीं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवनीद्र सिंह ने कहा कि उनका संगठन हर परिस्थिति में शिक्षकों के साथ खड़ा है और आगे भी रहेगा।माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष यादव ने आरोप लगाया कि सरकार टीईटी के मुद्दे के माध्यम से शिक्षकों को बांटने का प्रयास कर रही है। महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्षा गायत्री सिंह ने कहा कि शिक्षक समुदाय इस लड़ाई को तन, मन और धन से लड़ेगा और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता के.के. सिंह संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कुड़वार ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का चयन उस समय की निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुआ था, इसलिए इस आदेश को यदि सरकार कोर्ट में चुनौती नहीं देती है तो यह सरकार के लिए भी नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है।कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के पदाधिकारी जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह और अटेवा के महामंत्री मो. हसीब, जूनियर शिक्षक संघ के मंत्री रमेश कुमार, विशिष्ट बीटीसी के महामंत्री सत्यप्रिय पांडेय, टीएससीटी के मीडिया प्रभारी वैभव सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष रमेश तिवारी और महिला शिक्षक संघ की महामंत्री सीमा सिंह, भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के सचिव जनार्दन राय , सह सचिव जगन्नाथ रावत , कोषाध्यक्ष पिंकल प्रकाश तिवारी , मीडिया प्रभारी मनोज दूबे , सोशल मीडिया प्रभारी अखिलेश मिश्रा , आईटी सेल प्रभारी सुशांत , प्रवक्ता सुरेन्द्र कुमार मौर्य , विधिक सलाहकार बृजेश द्विवेदी और प्रचार मंत्री शुचिता सिंह, अटेवा जिला संगठन मंत्री सुरेश सिंह, राजमणि मिश्रा, संदीप वर्मा, शिवकुमार यादव, अशोक कुमार सिंह, रामलौट यादव, नागेन्द्र सिंह, फूलचंद, दिनेश शुक्ला, संतोष कुमार सिंह प्रतापगढ़ी, राजेश कुमार, धनंजय सिंह, सुनील सिंह, उषा मौर्या, पपिया वर्मा, श्रद्धा सिंह, ज्योति सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष गरिमा चौरसिया, राज बहादुर पाठक,रामेश्वर पांडे, सुनील सिंह, राजेश कुमार, अटेवा धनपत गंज अध्यक्ष अरविंद सिंह,मनोज सिंह, मनोज मौर्य, विनय सिंह, विजय कुमार, अटेवा धनपत गंज मंत्री अनंत राम जायसवाल, अटेवा वल्दीराय अध्यक्ष शोभनाथ सिंह, कुड़वार ब्लॉक अध्यक्ष देसराज, टी एस सी टी के सुनील कुमार, नंदन सिंह, अनिल श्रीवास्तव, संजय सिंह,ओंकार तिवारी,अमरेंद्र प्रताप सिंह, मित्रसेन यादव, प्रवीण सिंह, देव व्रत पाठक, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
