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फिर गर्माया अंकिता भंडारी हत्याकांड … जनता ने सीएम धामी के घर का किया घेराव!

दिल्ली से लेकर देहरादून तक जमकर विरोध प्रदर्शन
सामना संवाददाता / देहरादून
अंकिता भंडारी मामले की गूंज अब देहरादून से दिल्ली तक सुनाई दे रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर उत्तराखंड से जुड़ी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में शामिल वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और सीबीआई तथा सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की। हाथों में तख्तियां लिए और लोकगीत गाते हुए लोग धरना-प्रदर्शन करते नजर आए। वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम को लेकर चल रही सियासत पर प्रदेशभर से लोग देहरादून पहुंचे।
अलग-अलग संगठनों से जुड़े लोगों ने देहरादून के परेड ग्राउंड से सीएम आवास की तरफ कूच किया। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच, वीआइपी का नाम और जितनी शंकाएं उठ रही हैं, उसकी जांच करवाने को लेकर उत्तराखंड महिला मंच के बुलावे पर प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रोटेस्ट को उत्तराखंड क्रांति दल, कांग्रेस और विभिन्न संगठन अपना समर्थन दे रहे हैं। किन्नर भी इस मामले में न्याय के लिए सामने आए हैं।
आरोपियों को बचा रही सरकार
अंकिता हत्याकांड में धामी सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सेलाकुई मुख्य बाजार में वैंâडल मार्च निकाला। चकराता विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आर्येन्द्र शर्मा की अगुवाई में निकाले गए इस वैंâडल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रकरण की देश की शीर्ष अदालत या उत्तराखंड हाई कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग जनता कर रही है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। सरकार प्रकरण में नए खुलासों के बाद सामने आए तथाकथित वीआईपी को बचाने का काम कर रही है।

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