सामना संवाददाता / मुंबई
पंजाब पुलिस ने मीरा-भायंदर में गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पूर्व आईजी अमर सिंह चहल से आठ करोड़ की ऑनलाइन ठगी के मामले में चार ठिकानों पर रेड की गई। इस कार्रवाई में बीजेपी के स्थानीय नेता समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी भाजपा के भायंदर नवघर युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष है। बीजेपी नेता की गिरफ्तारी के बाद सियासत गरमा गई है। यह भी चर्चा हो रही है कि आरोपी को बचाने के लिए भरसक कोशिश की जा रही है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया है कि आठ करोड़ के सायबर प्रâॉड में गिरफ्तार आरोपी विधायक नरेंद्र मेहता के भाई का करीबी है और बीजेपी का सक्रिय नेता है और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। नवघर पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता के खाते में १.१० करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। बीजेपी कार्यकर्ता के अलावा अन्य ६ और आरोपी पकड़े गए हैं, जिनके पास तकरीबन ६०० सिमकार्ड जब्त किए गए हैं। सिमकार्ड मजदूरों के नाम निकाले गए थे। पंजाब पुलिस सभी आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड लेकर पटियाला रवाना हो गई है।
बता दें कि पंजाब के पुुलिस आईजी रहे अमर सिंह चहल के साथ ८.१० करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई थी। प्रâॉड से परेशान होकर अमर सिंह चहल ने २२ दिसंबर को अपने आप को गोली मारकर खुदकुशी की कोशिश की थी। सायबर ठगी की जांच शुरू हुई तो इसके तार मीरा-भायंदर तक जुड़े हुए मिले, जिसमें मुख्य आरोपी बीजेपी का भायंदर नवघर युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष निकला।
