फिरोज खान
६ साल का आवेज घर में खेलते-खेलते थक गया तो उसे भूख लगी, तभी वह रोने लगा। मां ने उसे दूध पिलाया। पेट भरते ही बच्चा मां की आंचल में सो गया। मासूम बच्चे की वह नींद मुकम्मल नींद थी, क्योंकि उसके बाद वह दोबारा नींद से बेदार नहीं हुआ। नन्हीं-सी जान मां की गोद में बेखबर सो रहा था, तभी मां ने अपने बेटे को भरी नजर से देखा और अचानक उसके अंदर वहशीपन जाग उठा। कुछ देर के लिए बेटे की चाहत, मोहब्बत और ममता नफरत में बदल गई।ऐसी नफरत कि उसे हैवान से भी बदतर बना दिया। गहरी नींद में सो रहे बेटे को मां ने गोद में उठाया और बाथरूम में ले गई, पानी से भरे बाल्टी को देख यकायक उसने बेटे के सिर को पानी में डुबो दिया। बच्चा चीखने-चिल्लाने लगा।वह जितना चिल्ला रहा था उतना ही पानी उसके नाक और मुंह में जाने लगा। बच्चे का दम घुटने लगा उसकी की सांसे थमने लगी। मां ने समझा बेटा मर चुका है तो उसने उसे बाल्टी से बाहर निकाला। फिर क्या देखती है बच्चे की सांसे चल रही है। कुछ पल के लिए बच्चे ने आंखे खोली, मां को देख वह उससे लिपटने गया, लेकिन बेरहम मां पर खून सवार था। बेटा गले से लिपटने के पहले उसे झिड़क दिया और क्रूरता से उसका सिर दीवार पर पटकने लगी। सिर बुरी तरह फट गया खून बहने लगा। मासूम बच्चा मां, मां कहते हुए मर गया। रूह कंपा देने और झकझोरकर रख देने वाला यह वाक्या पुणे के खेड का है, जहां एक मां ने अपने प्रेमी को पाने के लिए अपने दिल के टुकड़े को खत्म कर दिया।
२७ वर्षीय बसीरन मेहबूब शेख तीन बच्चों की मां है। झगड़े के चलते वह अपने पति से अलग पुणे में रह रही थी। सबसे छोटा बेटा आवेज ६ साल का था इसलिए उसने अपने साथ रखा था। पति का दोस्त बसीरन के घर आता जाता था। इस बीच दोनों की नजदीकियां बढ़ी और बात शारीरिक संबंध तक पहुंच गई। दोनों शादी करना चाह रहे थे, लेकिन ६ साल का आवेज बीच में रोड़ा बना हुआ था। प्रेमी ने बसीरन से साफ-साफ कह दिया था कि वह उसके बेटे को अपनाएगा नहीं। ऐसे में बसीरन के सामने दो में से एक को चुनना था। प्रेमी या बेटा। काफी उधेड़बुन के बाद बसीरन ने पैâसला लिया कि प्रेमी के खातिर वह अपने बेटे को रास्ते से हटा देगी।
