जुलाई में ही तय हुई थी तबाही की तारीख
दिवाली के बाद देश को दहलाने की थी आतंकी साजिश
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आतंकियों की साजिशों का पर्दाफाश हो रहा है। अब एजेंसियों को जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल चैटबॉक्स मिला है, जिसने इस पूरी साजिश को उजागर कर दिया। चैटबॉक्स में आतंकियों की बातचीत के ऐसे संदेश मिले हैं, जो दिखाते हैं कि उन्होंने धमाके की योजना को कोडवर्ड्स के जरिए अंजाम देने की कोशिश की थी। धमाके को लेकर ‘दावत’ शब्द का इस्तेमाल हुआ था। विस्फोटक सामग्री को ‘बिरयानी’ कहा गया था। चैट में लिखा गया आखिरी संदेश था, ‘दावत के लिए बिरयानी तैयार है।’ यह संदेश डॉ. शाहीन की तरफ से १३ जुलाई को भेजा गया था।
बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद का खतरनाक प्लान ‘शोबा-ए-दावत’ डिकोड हो गया है। भारत में इसकी कमान डॉ. शाहीन के हाथ में थी। जमात उल-मोमिनात की भारत में चीफ कमांडर डॉ. शाहीन हैं। ये आतंकी संगठन मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर चलाती है। संगठन का काम महिलाओं को जिहाद के लिए तैयार करना होता है। ‘शोबा-ए-दावत’ जैश का वो विभाग है, जो नए लड़के-लड़कियों का ब्रेनवॉश करता है।
टारगेट पर थे मंदिर-अस्पताल
दिल्ली में धमाके के बाद एजेंसियों की जांच तेज हो गई है। १० नवंबर को हुई घटना के बाद नित नए खुलासे हो रहे हैं, जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है उन्होंने पूछताछ में कई राज उगले हैं। खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आतंकियों के मॉड्यूल में उत्तर प्रदेश के मंदिर टारगेट पर थे। खासतौर पर अयोध्या और वाराणसी। आतंकी अयोध्या में भी विस्फोट करना चाहते थे।
