संदीप पांडेय / मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि ३० सितंबर को मेट्रो-३ के अंतिम चरण का उद्घाटन कर दिया जाएगा। ऐसे में मुंबईकरों को आरे कॉलोनी से कफ परेड तक बिना किसी ट्रैफिक के आरामदायक सफर करने को मिलेगा, लेकिन मेट्रो-३ का अंतिम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है और पिछले हफ्ते सीएमआरएस ने भी मेट्रो-३ के निरीक्षण का काम पूरा कर लिया है, लेकिन उनकी तरफ से अब तक मेट्रो-३ को प्रमाणपत्र नहीं मिला है, जो कि बेहद अनिवार्य है। ऐसे में मेट्रो-३ के अंतिम चरण का उद्घाटन अटक गया है।
बता दें कि मेट्रो-३ या अक्वा लाइन मुंबई में चलने वाली पहली पूरी तरह से भूमिगत मेट्रो है, जिसकी कुल लंबाई ३३.५ किलोमीटर है। प्रथम चरण में इसे आरे से बीकेसी तक और दूसरे चरण में बीकेसी से वरली नाका तक चलाया गया था। तीसरे और अंतिम चरण में वरली नाका से कफ परेड तक चलाया जाना है। कफ परेड से वरली तक की कुल लंबाई ११ किलोमीटर के करीब है और महालक्ष्मी, मुंबई सेंट्रल, ग्रांट रोड, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और चर्चगेट इन स्टेशनों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करती है।
चुनावों में लाभ उठाना चाहती है सरकार
महाराष्ट्र सरकार की योजना मेट्रो-३ के अंतिम चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की है। मनपा चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक लाभ लेने का भी सत्ताधारी दल का इरादा है। मुख्यमंत्री ने इसलिए बिना एमएमआरडीए के अधिकारियों से संपर्क किए इसकी घोषणा कर दी थी। ३० सितंबर को नई मुंबई में बनने वाला विमानतल का उद्घाटन भी टल गया है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। विमानतल उद्घाटन का औचित्य साधकर मेट्रो-३ का भी उद्घाटन करने की महाराष्ट्र सरकार की योजना थी।
