सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। वह बांग्लादेश के आम चुनाव को प्रभावित कर जमात सरकार बनवाने की साजिश रच रही है। यही नहीं वह भारत के ऑपरेशन सिंदूर में तबाह आतंकी अड्डों को फिर से खड़ा करने के लिए भी धन की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के उपमहाद्वीपीय हवाला नेटवर्क को फिर से सक्रिय किया गया है। यह नेटवर्क कई आतंकी संगठनों के लिए धन एकत्र करने का मुख्य जरिया है।
खुफिया जानकारी के अनुसार, जमात का यह नेटवर्क कुछ समय पहले तक ठंडा पड़ा था, लेकिन अब यह फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके जरिये न केवल बांग्लादेश में होने वाले चुनावों को प्रभावित करने के लिए धन जुटाया जा रहा है, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के तबाह अड्डों को फिर से खड़ा करने के लिए भी पैसे जमा किए जा रहे हैं।
कई देशों में फैला है नेटवर्क
एक अधिकारी ने बताया कि जमात का कई देशों में व्यापक नेटवर्क है। इसके अनगिनत अनुयायी और समर्थक हैं, जो प्रमुख दानदाता हैं। जमात धर्म की आड़ में चंदा एकत्र करता है, लेकिन करीब ९० प्रतिशत राशि का उपयोग हिंसा भड़काने और आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए किया जाता है। अपने विशाल हवाला नेटवर्क के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में भी धन भेजता है।
जमात के फंड पर निर्भर आतंकी संगठन
कई वर्षों में जमात ने आईएसआई की मदद से यह नेटवर्क तैयार किया है। पाकिस्तान में लश्कर और जैश व्यापक रूप से जमात के फंड पर निर्भर हैं। यहीं नहीं जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (जूएमबी) और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी (हूजी) भी जमात द्वारा एकत्र धन पर पूरी तरह निर्भर हैं।
बड़ा गेम खेल रही है आईएसआई
कुछ महीने शांत रहने के बाद आईएसआई ने इन तबाह आतंकी ‘िकानों को पहले से बड़ा बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि, उसके पास आतंकी गतिविधियों के लिए धन जमा करने के लिए कई अन्य चैनल भी हैं। उसने जमात के हवाला नेटवर्क को ज्यादा से ज्यादा धन एकत्र करने के लिए कहा है। एक अधिकारी ने बताया कि आईएसआई एक बड़ा गेम खेल रही है, जिसके जरिये बांग्लादेश में जमात की जीत सुनिश्चित कराना चाहती है। हालांकि अभी वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी से पीछे चल रही है।
