-यात्रियों सहित स्थानीय लोगों में संक्रमण का भय
-छोटे बच्चों पर भी मंडराता खतरा
द्रुप्ति झा / मुंबई
प्रभादेवी रेलवे स्टेशन से बाहर सड़कों पर रात में खुलेआम मेडिकल कचरे पाए जाने का मामला सामने आया है। इस मेडिकल वेस्ट में इस्तेमाल की गईं सिरिंज सहित गर्भनिरोधक गोलियां व अन्य मेडिकल सामग्री पाई गई हैं, जिससे स्टेशन जाने-आनेवाले यात्रियों समेत स्थानीय लोगों व बच्चों में भय और संक्रमण पैâलने का खतरा बना हुआ है।
बता दें कि प्रभादेवी स्टेशन के बाहर सड़क पर सोमवार की रात दो ब़ड़ी प्लास्टिक की थैलियों में मेडिकल वेस्ट (कचरा) पाए गए। उसके आस-पास इस्तेमाल किए गए सिरिंज, ग्लुकोज के बॉटल्स, मधुमेह की दवाइयों के पत्ते और गर्भनिरोधक गोलियों की पत्ते भी फेंके हुए मिले, जबकि मेडिकल से निकलने वाले कचरे को नष्ट करना अस्पताल की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए यह कचरा इंसीनरेटर मशीन में डालकर नष्ट किया जाता है। इस मशीन का उपयोग विशेष रूप से अस्पतालों के चिकित्सा अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन जैसे खतरनाक कचरे के निपटान के लिए किया जाता है।
रोजाना फेंका जाता है ऐसा कचरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह से मेडिकल वेस्ट यहां पर रोजाना फेंके जाते हैं, जिस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे कई तरह की बीमारियां पैâलने का हमें डर होता है। वहीं यहां दिन में बच्चे खेलने आते हैं। ऐसे में इस्तमाल की गई सिरिंज कहीं बच्चों को न लग जाए, उनके साथ-साथ बड़ों को भी खतरा बना रहता है, लेकिन इस समस्या का समाधान के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।
अधिकारी से नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया
इस मामले की शिकायत ‘दोपहर का सामना’ संवाददाता ने मुंबई सेंट्रल जीआरपी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से की, जिन्होंने इसके लिए प्रभादेवी स्टेशन मास्टर को जिम्मेदार ठहराया। स्टेशन मास्टर से संपर्क किया गया तो वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
पुलिस अवैध पार्किंग के पैसे वसूलने में मस्त
प्रभादेवी निवासी और रेलवे स्टेशन से निकल कर जाने वाले यात्रियों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। स्टेशन के बाहर नो पार्किंग जोन में भी एक लाइन से अवैध तरीके से बाइक लगी हुई हैं। लोगों के अनुसार, पुलिस सौ-दो सौ रुपए लेकर अवैध पार्किंग करने वाले लोगों को छोड़ देती है। सड़क पर लाइट नहीं है। सड़क के अगल-बगल कचरों के ढेर पड़े हुए हैं। रोजाना उसी रास्ते से सुबह शाम सैकड़ों की तादाद में लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल उठ रहे हैं।
