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वायरल ट्रेंड : जेन जेड स्ट्रेस दूर करने का नया तरीका ‘फ्रिज सिगरेट’!

एम एम एस

आजकल कौन-सा ट्रेंड कब और कैसे वायरल हो जाए, लोगों की आदत में शुमार हो जाए, युवा वर्ग उसका आदी बन जाए कुछ कहा नहीं जा सकता! अब एक नया ट्रेंड जिसने जेन जेड को अपनी गिरफ्त में ले लिया है वह है ‘प्रिâज सिगरेट’ मजेदार बात यह है कि भले ही इसमें ‘सिगरेट’ शब्द का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन इसमें न तो तंबाकू है, न ही निकोटीन है, न बीड़ी है और न ही सिगरेट! इसमें जेन जेड फ्रिज खोलकर ठंडी डाइट कोक (या कोई भी कोल्ड ड्रिंक, फिजी ड्रिंक) निकालते हैं, कैन खोलते हैं और उसे वैसे ही मजे से पीते हैं, जैसे पहले लोग सिगरेट पीकर ब्रेक लिया करते थे। सिर्फ ठंडी बुलबुलेदार ड्रिंक और एक छोटा-सा मेंटल रीसेट।
खतरनाक है यह ट्रेंड
मनोवैज्ञानिक और शारीरिक असर
नींद, बातचीत, एक्सरसाइज या रिलैक्सेशन जैसी हेल्दी आदतों की जगह अगर सिर्फ डाइट कोक पीना ही सॉल्यूशन बन जाए तो दिक्कत बढ़ सकती है। अगर ऐसी आदतें सिर्फ इमोशनल सपोर्ट बन जाएं तो डिपेंडेंसी बढ़ सकती है और हेल्दी कॉपिंग स्किल्स पीछे छूट जाते हैं।
स्ट्रेस से भागने का तरीका?
साइकोलॉजिस्टों का मानना है कि ये ट्रेंड एक इमोशनल कॉपिंग मैकेनिज्म यानी स्ट्रेस को हैंडल करने का तरीका हो सकता है। जब लोग थकान, बर्नआउट या टेंशन महसूस करते हैं तो वे तुरंत राहत पाने के लिए ऐसी छोटी-छोटी आदतों का सहारा लेने लगते हैं। एक ठंडी ड्रिंक पीने से कुछ पल के लिए खुशी, कंट्रोल और डिस्ट्रैक्शन मिल जाता है।
स्वास्थ्य पर असर:
मेंटल हेल्थ: बार-बार आर्टिफिशियल स्वीटनर वाली ड्रिंक पीने से दिमाग सिर्फ उसी पर रिलैक्स महसूस करने लगेगा। इससे इमोशनल डिपेंडेंसी बढ़ सकती है और ड्रिंक न मिलने पर चिड़चिड़ापन भी आ सकता है।
फिजिकल हेल्थ : रिसर्च बताती है कि डाइट सोडा भले ही शुगर-प्रâी हो, लेकिन इसके स्वीटनर मेटाबॉलिज्म भूख और गट हेल्थ पर असर डाल सकते हैं। ज्यादा पीने से मीठा खाने की क्रेविंग भी बढ़ सकती है। कोल्ड ड्रिंक पीने से सेहत को कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं, मुख्य रूप से इनमें मौजूद अत्यधिक चीनी, वैâलोरी और एसिड के कारण। कभी-कभार इसका सेवन ठीक हो सकता है, लेकिन नियमित रूप से पीने से स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। मोटापा और वजन बढ़ सकता है। मधुमेह (डायबिटीज) का खतरा बढ़ सकता है। दांतों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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