रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
हिंदूहृदयसम्राट और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई में भव्य 5 दिवसीय शाहिर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और सांसद अरविंद सावंत की संकल्पना पर आधारित है, जिसे सामाजिक संस्था ‘जाणीव’ और दक्षिण मुंबई शिवसेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
यह महोत्सव सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे वर्ष भर चलने वाली सांस्कृतिक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें मराठी परंपरा, कला और अस्मिता को प्रमुखता दी जा रही है। आयोजन के तहत लोक शाहिर गीत, व्यंग चित्र प्रदर्शनी, खेल प्रतियोगिताएं, भजन-कीर्तन, नाटक, सिनेमा, लोक नृत्य, व्याख्यान और फ्यूजन फेस्टिवल जैसे विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।
दक्षिण मुंबई शिवसेना विभाग प्रमुख संतोष शिंदे के अनुसार, महोत्सव का शुभारंभ 4 मई, सोमवार को शाम 7 बजे लालबाग स्थित गरम खाड़ा मैदान से किया जाएगा। इसके बाद 5 मई को वरली के वीर नेताजी सुभाष मैदान, 6 मई को घोडपदेव के कापेश्वर मंदिर, 7 मई को भायखला की बीआईटी चॉल और 8 मई को ताडदेव के बने कंपाउंड में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों का कहना है कि इस महोत्सव का उद्देश्य मराठी संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना और समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। यह मंच कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर भी देगा।
महोत्सव के माध्यम से बालासाहेब ठाकरे के विचारों और मराठी अस्मिता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आयोजकों ने मुंबई और आसपास के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।
विशेष रूप से मराठी संस्कृति से जुड़ाव रखने वाले और महाराष्ट्र की परंपराओं को सहेजने वाले लोगों के लिए यह महोत्सव एक खास अवसर बनकर सामने आया है।
